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मिलान–कोर्टिना 2026 विंटर ओलंपिक में यूक्रेन के स्केलेटन खिलाड़ी व्लादिस्लाव हेरास्केविच को प्रतियोगिता से ठीक कुछ घंटे पहले बाहर कर दिया गया। वजह थी उनका विशेष हेलमेट, जिस पर रूस-यूक्रेन युद्ध में मारे गए यूक्रेनी खिलाड़ियों और कोचों की तस्वीरें बनी हुई थीं।
हेरास्केविच ने अपने हेलमेट पर उन 20 से अधिक यूक्रेनी खिलाड़ियों की तस्वीरें लगाई थीं, जिनकी रूस के हमले के दौरान मौत हो चुकी है। उनका कहना था कि यह किसी तरह का राजनीतिक संदेश नहीं, बल्कि अपने साथियों को श्रद्धांजलि देने का तरीका था।
लेकिन अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने इसे ओलंपिक चार्टर के नियम 50 का उल्लंघन बताया, जो खेल के मैदान पर राजनीतिक, धार्मिक या नस्लीय संदेशों पर रोक लगाता है। IOC ने उन्हें विकल्प के तौर पर काली पट्टी (ब्लैक आर्मबैंड) पहनने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने हेलमेट हटाने से इनकार कर दिया।
IOC अधिकारियों का कहना है कि ओलंपिक खेलों को राजनीतिक विवादों से दूर रखना जरूरी है। समिति के अध्यक्ष ने व्यक्तिगत रूप से हेरास्केविच से बातचीत भी की, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका।
इस फैसले के बाद यूक्रेन में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई खिलाड़ियों और कोचों ने हेरास्केविच का समर्थन किया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने भी इस फैसले को अनुचित बताया और कहा कि अपने शहीद खिलाड़ियों को याद करना राजनीति नहीं है।
हेरास्केविच ने कहा कि उनके लिए यह फैसला बेहद भावनात्मक है, लेकिन वे अपने देश और मारे गए साथियों के सम्मान के लिए खड़े रहेंगे।
यह मामला एक बार फिर ओलंपिक में “राजनीतिक तटस्थता” और “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” के बीच संतुलन पर बहस को जन्म दे रहा है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ खेल का नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना का मुद्दा है।