Popular Posts

ब्रिक्स में गैर-डॉलरीकरण पर भारत का ‘ठंडा’ रुख, अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्ते प्राथमिकता

नई दिल्ली: अगले हफ्ते (14-15 मई, 2026) भारत की अध्यक्षता में होने वाली ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले एक महत्वपूर्ण रणनीतिक स्पष्टता सामने आई है। चीन और रूस द्वारा ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार के लिए अमेरिकी डॉलर को हटाने (De-dollarization) के बढ़ते दबाव के बावजूद, भारत इस प्रस्ताव पर फिलहाल कोई उत्साह नहीं दिखा रहा है।

मुख्य बिंदु:

  • अमेरिका के साथ संतुलन: भारत वाशिंगटन के साथ अपने 200 अरब डॉलर के सालाना कारोबार और रक्षा संबंधों को प्रभावित नहीं करना चाहता।
  • व्यापार नीति: भारत, ब्रिक्स मंच का उपयोग अमेरिकी हितों के विरुद्ध नहीं करना चाहता और डॉलर से पूरी तरह अलग होने की कोई योजना नहीं है।
  • स्थानीय मुद्रा में व्यापार: हालांकि, रूस और यूएई जैसे देशों के साथ द्विपक्षीय स्तर पर स्थानीय मुद्रा में लेनदेन बढ़ाया गया है।
  • रणनीतिक सतर्कता: चीन-रूस के दबाव के बीच, भारत ने डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी (जुलाई 2025) के बाद अधिक सतर्क रुख अपनाया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *