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देश में डिजिटल फ्रॉड और साइबर अपराध के मामलों में चिंताजनक तेजी देखने को मिली है। हालिया आंकड़ों के अनुसार बीते एक साल में करीब 22 लाख डिजिटल धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज की गई हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में लगभग दोगुनी हैं। यह आंकड़े देश में साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
साइबर ठग फर्जी कॉल, सोशल मीडिया लिंक, नकली ऐप्स और ओटीपी फ्रॉड के जरिए लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। खासतौर पर बुजुर्ग, छात्र और पहली बार डिजिटल लेनदेन करने वाले लोग आसानी से ठगी का शिकार हो रहे हैं। कई मामलों में लोगों की जीवनभर की जमा पूंजी कुछ ही मिनटों में साफ हो गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल जागरूकता की कमी और तेजी से बढ़ता ऑनलाइन लेनदेन इस समस्या की बड़ी वजह है। सरकार और एजेंसियां लगातार अलर्ट जारी कर रही हैं, लेकिन आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। मजबूत पासवर्ड, अनजान लिंक से दूरी और संदिग्ध कॉल की रिपोर्टिंग ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।