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मुख्यमंत्री सैनी एक्शन मोड में नजर आए। श्रम विभाग से जुड़े करीब 1500 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को लेकर सरकार ने उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह समिति घोटाले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी, जिसमें फंड के आवंटन, उपयोग और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका शामिल होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार पर पहले भी सवाल उठाए थे और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। अब समिति के गठन के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि जांच के निष्कर्ष आने के बाद बड़े प्रशासनिक फैसले लिए जा सकते हैं।
सरकार का कहना है कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। इस मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि घोटाले की असल तस्वीर क्या है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।