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महाकुंभ वायरल मोनालिसा नाबालिग निकली! पति फरमान पर POCSO FIR, शादी में बड़ा ट्विस्ट
इंदौर/खरगोन, 11 अप्रैल 2026 – प्रयागराज महाकुंभ 2025 में रुद्राक्ष की मालाएं बेचती एक साधारण लड़की की बिल्लौरी आंखों ने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया था। लाखों व्यूज, कमेंट्स और शेयर के साथ वह रातोंरात ‘महाकुंभ वायरल गर्ल’ बन गई। नाम था मोनालिसा भोसले। लेकिन उसकी ये चमकती कहानी अब एक गंभीर कानूनी विवाद में बदल गई है।NCST (राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग) की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ – मोनालिसा शादी के समय नाबालिग थी। मात्र 16 साल 2 महीने की। उसके पति फरमान खान के खिलाफ मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर थाने में POCSO एक्ट, BNS की विभिन्न धाराओं, साजिश और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज कर दी गई है। शादी रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।कहानी महाकुंभ 2025 से शुरू होती है। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर की रहने वाली मोनालिसा भोसले पारधी जनजाति (अनुसूचित जनजाति) से है। संगम घाट पर मालाएं बेचती उसकी अनोखी आंखें और सादगी ने लोगों को दीवाना कर दिया। वीडियो वायरल होते ही वह इंटरनेट स्टार बन गई। महाकुंभ खत्म होने के बाद भी उसकी फैन फॉलोइंग बढ़ती रही।महाकुंभ के बाद मोनालिसा महेश्वर लौटी। यहां उसकी मुलाकात बागपत (यूपी) के युवा फरमान खान से हुई। दोनों के बीच छह महीने का रिश्ता चला। परिवार को जब पता चला तो विरोध शुरू हो गया। पिता जय सिंह ने बेटी को समझाने की कोशिश की, लेकिन मोनालिसा अड़ी रही।11 मार्च 2026 को दोनों केरल के तिरुवनंतपुरम पहुंचे। थंपानूर पुलिस स्टेशन में सुरक्षा मांगी और परिवार के विरोध का हवाला दिया। पुलिस ने उनके दस्तावेजों के आधार पर सुरक्षा दी। उसी दिन अरुमनूर के नैनार मंदिर में हिंदू रीति से शादी हो गई – मंगलसूत्र बंधा, सिंदूर भरा गया। शादी के बाद दोनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें मोनालिसा ने कहा, “ये लव जिहाद नहीं, मैंने अपनी मर्जी से शादी की है। कोई धर्मांतरण नहीं हुआ।”लेकिन 10 अप्रैल 2026 को NCST चेयरमैन अंतर सिंह आर्य की टीम ने केरल और मध्य प्रदेश में जांच की। महेश्वर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रिकॉर्ड में मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 दर्ज मिला। यानी शादी के दिन वह सिर्फ 16 साल 2 महीने की थी। जांच में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र (जिसमें उम्र 18 साल दिखाई गई थी) का भी खुलासा हुआ। आधार और अन्य दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई गई।खरगोन पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। महेश्वर थाने में फरमान खान के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई। SC/ST एक्ट और अन्य धाराएं भी जोड़ी गईं। NCST ने दोनों राज्यों के DGPs को दिल्ली बुलाकर रिपोर्ट मांगी है और मोनालिसा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।परिवार अब कह रहा है कि बेटी को बहकाया गया। मोनालिसा की बहन ने सोशल मीडिया पर परिवार का पक्ष रखा। वहीं फरमान और मोनालिसा के समर्थक उम्र की दीवार पर सवाल उठा रहे हैं। लेकिन कानून साफ है – नाबालिग से शादी गंभीर अपराध है।यह मामला अब सिर्फ एक वायरल लव स्टोरी नहीं रहा। यह नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा, फर्जी दस्तावेजों, अंतरजातीय-धार्मिक विवाहों की कानूनी प्रक्रिया और सोशल मीडिया की जिम्मेदारी पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। महाकुंभ की उस मासूम तस्वीर से शुरू हुई कहानी आज कोर्ट, पुलिस और जांच एजेंसियों के बीच पहुंच चुकी है।सोशल मीडिया पर फिर तूफान है। कुछ कह रहे हैं “बेटियों की सुरक्षा पहले”, तो कुछ “प्रेम में उम्र मायने नहीं”। लेकिन हकीकत यही है कि कानून सबके लिए एक समान है। मोनालिसा की कहानी अब एक सबक बन गई है – वायरल फेम के साथ जिम्मेदारी भी आती है।