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भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को और मज़बूत करने के लिए दोनों देशों ने एक नई ट्रेड डील पर बातचीत तेज़ कर दी है। इस प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना, निवेश के नए अवसर पैदा करना और रणनीतिक साझेदारी को गहरा करना है। सूत्रों के अनुसार, इस डील में टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा, डिजिटल ट्रेड और सर्विस सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया गया है। भारत अमेरिकी बाज़ार में अपने उत्पादों की पहुँच बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जबकि अमेरिका भारत को एक भरोसेमंद आर्थिक साझेदार के रूप में देख रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी समझौते में किसानों, घरेलू उद्योगों और एमएसएमई सेक्टर के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस ट्रेड डील से रोज़गार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं और भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में भूमिका और मजबूत होगी। हालांकि विपक्ष ने समझौते की शर्तों में पारदर्शिता की मांग की है, लेकिन सरकार का कहना है कि अंतिम फैसला राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा। आने वाले महीनों में इस समझौते की रूपरेखा और स्पष्ट होने की उम्मीद है, जिस पर देश और दुनिया की नज़र बनी हुई है।
