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23 मार्च को शहीद-ए-आजम भगत सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर भारतीय किसान यूनियन (भगत सिंह) द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने शहीदों को नमन करते हुए उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान संगठन के संस्थापक नितिन भाटी ने संबोधन देते हुए कहा कि शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का बलिदान देश के इतिहास में अमिट है। उन्होंने कहा कि 23 मार्च का दिन हमें याद दिलाता है कि 1931 में इन वीर सपूतों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। यह दिन केवल श्रद्धांजलि देने का नहीं, बल्कि उनके आदर्शों—देशभक्ति, साहस और त्याग—को अपने जीवन में अपनाने का भी है।
इस अवसर पर संगठन की पूरी टीम भी मौजूद रही, जिसमें संस्थापक नितिन भाटी, सहयोगी प्रवीण भाटी, राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन भाटी और महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता भाटी शामिल हैं।
संगठन की ओर से यह संदेश दिया गया कि शहीदों के बलिदान को केवल याद करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके दिखाए मार्ग पर चलना भी उतना ही जरूरी है। किसानों और युवाओं को एकजुट होकर देश को मजबूत बनाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने शहीदों के सपनों का भारत बनाने का संकल्प लिया। साथ ही “इंकलाब जिंदाबाद” के नारों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की गई। देशभर में इस दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है, जहां विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, सामाजिक गतिविधियां और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाते हैं, ताकि नई पीढ़ी को देशभक्ति की भावना से जोड़ा जा सके।