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जबलपुर/रीवा। छुट्टी के दिन भी न्याय की आवाज बुलंद हुई, जब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अधिवक्ता प्रफुल्ल शर्मा की प्रभावी पैरवी पर एक बीपीएल परिवार को बड़ी राहत दी। जस्टिस विवेक जैन की विशेष पीठ ने शनिवार (अवकाश दिवस) को सुनवाई करते हुए परिवार के मकान पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी।
यह मामला रीवा जिले की हुजूर तहसील के चिरहुला निवासी तेजबली सिंह से जुड़ा है। उनकी ओर से अधिवक्ता प्रफुल्ल शर्मा ने कोर्ट में पक्ष रखते हुए बताया कि बिना किसी लिखित आदेश के नगर निगम और पटवारी द्वारा मकान तोड़ने की तैयारी की जा रही थी और लगातार मौखिक धमकियां दी जा रही थीं।
प्रफुल्ल शर्मा की दलील बनी आधार :
अधिवक्ता शर्मा ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ताओं के पास 696 वर्गफीट जमीन का वैध पट्टा है, इसके बावजूद प्रशासन मनमानी कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने इसे कानून के विरुद्ध बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
छुट्टी के दिन सुनवाई, तुरंत राहत :
इस मामले की खास बात यह रही कि कोर्ट ने अवकाश के दिन ही सुनवाई कर पीड़ित परिवार को त्वरित राहत दी। आमतौर पर छुट्टी के दिन सुनवाई दुर्लभ होती है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने तुरंत हस्तक्षेप किया। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिवक्ता ने भी स्वीकार किया कि इस कार्रवाई को लेकर कलेक्टर रीवा से कोई स्पष्ट निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।
कोर्ट का सख्त आदेश :
हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि संबंधित 696 वर्गफीट के मकान को न तो तोड़ा जाएगा और न ही किसी प्रकार की क्षति पहुंचाई जाएगी। साथ ही राज्य शासन सहित अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।