1
1
भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर कूटनीतिक तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। हाल ही में पाकिस्तान द्वारा एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन के समर्थन में दिए गए बयान पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों और न्यायिक प्रक्रियाओं पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। साथ ही, भारत ने पाकिस्तान के बयान को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे “भ्रामक और बेबुनियाद” बताया।
सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है, इसलिए इस तरह के बयान से हैरानी नहीं होती। भारत ने पाकिस्तान को सलाह दी कि वह झूठे आरोप लगाने के बजाय अपने देश में मानवाधिकार उल्लंघनों पर ध्यान दे।
दरअसल, यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब पाकिस्तान ने भारत में एक आतंकी संगठन से जुड़े मामले और सजा को लेकर टिप्पणी की थी। इसके जवाब में भारत ने साफ कर दिया कि उसकी न्यायिक प्रक्रिया स्वतंत्र है और किसी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान दोनों देशों के बीच पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा सकते हैं। खासतौर पर आतंकवाद और कश्मीर जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के रिश्ते लंबे समय से संवेदनशील बने हुए हैं।
भारत ने एक बार फिर दोहराया कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति “जीरो टॉलरेंस” की है और इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।