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आज 27 फरवरी 2026 को Jharkhand Mukti Morcha (JMM) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया है। यह बयान झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मामले से जुड़ी जांच को लेकर आया है, जिसमें पार्टी का कहना है कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा उठाए गए कदमों का उद्देश्य राजनीतिक दबाव बनाना और विपक्षी नेतृत्व को कमजोर करना है।
JMM नेता आरोप लगाते हैं कि ED ने सोरेन के खिलाफ जो सबूत पेश किए हैं उनमें तथाकथित बिजली और फ्रिज जैसे व्यय के बिलों को शामिल कर ₹29,000-₹30,000 तक के खर्च को भी गंभीर आरोपों के रूप में दिखाया गया है। पार्टी का कहना है कि इस तरह के छोटे खर्च को बड़े अपराध के समान पेश करने से यह स्पष्ट होता है कि मामला नीतिगत और राजनीतिक प्राथमिकताओं से प्रेरित है, न कि न्यायिक जांच से।
हाल ही में Supreme Court of India ने सोरेन के खिलाफ ED की कार्रवाई पर अस्थायी रोक (stay order) दिया है, जिससे यह मामला फिलहाल कोर्ट के दिशा-निर्देश के अधीन हो गया है। JMM ने इसे भी एक संकेत बताया है कि अदालत ने एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और मामले की समीक्षा करने का आदेश दिया है।
ED की तरफ़ से अब इस फैसले के खिलाफ जवाब दाखिल किया जाना बाकी है, जिससे आगे की सुनवाई और जांच की प्रक्रिया तय की जाएगी। इस पूरे विवाद को झारखंड की राजनीति में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है और JMM का कहना है कि वह अदालत और कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करेगा, लेकिन साथ ही यह मुद्दा केंद्र-राज्य के संबंधों और राजनीतिक दबंगतंत्र से जुड़ा हुआ भी है।