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ओडिशा सरकार ने इस साल मार्च की शुरुआत में ही बढ़ती गर्मी और करीब आने वाली हीट-वेव की संभावना के मद्देनज़र शैक्षणिक संस्थानों के लिए नई गाइडलाइन (SOP) जारी की है। इसके तहत स्कूलों और कॉलेजों की क्लास टाइमिंग्स बदलने को कहा गया है, ताकि छात्र और स्टाफ दोपहर की तेज़ धूप और गर्मी से बच सकें।
सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, क्लासों और परीक्षा कार्यक्रमों को सुबह के समय आयोजित करने की सलाह दी गई है और जहां तक संभव हो, इन गतिविधियों को 10 बजे से पहले पूरा करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा दोपहर के सबसे गर्म समय में आयोजित होने वाले खेल-कूद या बाहरी कार्यक्रमों को या तो रद्द किया जाएगा या उन्हें हल्की धूप वाले समय में आयोजित करने का सुझाव दिया गया है।
SOP में यह भी निर्देश दिया गया है कि सभी शैक्षणिक संस्थानों में पेय जल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और छात्रों और शिक्षकों के लिए पेयजल के साथ ORS (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट) की उपलब्धता भी रखी जाए ताकि गर्मी के कारण होने वाली समस्याओं से बचाव किया जा सके। प्रबंधन को यह भी कहना है कि फर्स्ट-एड सुविधाएँ तैयार रखी जाएं ताकि किसी भी तरह की गर्मी-संबंधी असुविधा या स्वास्थ्य समस्या में त्वरित सहायता मिल सके।
सरकार ने स्कूल प्रधानाचार्यों और कॉलेज प्रशासन को छात्रों एवं कर्मचारियों को गर्मी-संबंधी सावधानियों के बारे में जागरूक करने का निर्देश भी दिया है। इसमें पर्याप्त पानी पीने, तापमान से बचने के उपायों और गर्मी के प्रभाव के शुरुआती लक्षणों को पहचानने के तरीके शामिल हैं।
पिछले कुछ दिनों में मौसम विभाग (IMD) ने भी बताया है कि देश में मर्च से ही विशेष रूप से पूर्वी और दक्षिणी भारत में तापमान बढ़ने वाला है, जिसके चलते गर्मी जल्दी और ज़्यादा महसूस होगी। इसी वजह से ओडिशा सरकार ने शिक्षा संस्थानों में समय-समय पर यह कदम उठाया है ताकि छात्रों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे और गर्मी के असर से बचाव हो सके।