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मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत की कूटनीतिक सक्रियता तेज हो गई है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कुवैत के क्राउन प्रिंस के साथ बातचीत कर क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की और शांति बनाए रखने पर जोर दिया।
बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई और यह माना कि हालात को संभालने के लिए लगातार संवाद बेहद जरूरी है। भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह क्षेत्र में शांति और स्थिरता का समर्थक है।
प्रधानमंत्री ने कुवैत की संप्रभुता पर हुए हमलों की निंदा करते हुए भारत का समर्थन जताया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय समुदाय की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए दोनों देशों के बीच सहयोग जारी रहेगा।
इस बातचीत में सबसे अहम मुद्दा Strait of Hormuz की सुरक्षा रहा, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। भारत ने साफ किया कि इस मार्ग पर जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही उसके लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि देश की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से पूरा होता है।
दरअसल, हालिया संघर्ष के कारण इस क्षेत्र में तनाव बढ़ा है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार पर असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में भारत लगातार कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय रहकर अपने हितों और क्षेत्रीय स्थिरता दोनों को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है।