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देश की प्रमुख नदी Ganga River के किनारों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर Supreme Court of India ने केंद्र सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने कहा है कि नदी के किनारों और बाढ़ क्षेत्र में अवैध निर्माण की स्थिति और उन्हें हटाने के लिए उठाए गए कदमों की पूरी जानकारी दी जाए।
यह निर्देश न्यायमूर्ति J. B. Pardiwala और न्यायमूर्ति K. V. Viswanathan की पीठ ने सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने केंद्र सरकार के साथ-साथ उन सभी राज्यों से भी जवाब मांगा है, जिनसे होकर गंगा नदी गुजरती है।
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि बिहार के पटना क्षेत्र में किए गए सर्वे में कई स्थानों पर अतिक्रमण पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार दीघा घाट से नौजर घाट तक 213 अवैध निर्माण चिन्हित किए गए थे, जिनमें से कुछ हटाए जा चुके हैं, जबकि कई अभी भी मौजूद हैं।
कोर्ट ने यह भी कहा कि गंगा के किनारों पर अतिक्रमण की समस्या सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, झारखंड, हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं। इसलिए सभी राज्यों से मौजूदा स्थिति और उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी गई है।
साथ ही अदालत ने 2016 में जारी उस अधिसूचना के पालन की स्थिति भी बताने को कहा है, जो गंगा के संरक्षण, पुनर्जीवन और प्रबंधन से संबंधित है। कोर्ट यह जानना चाहता है कि नदी के किनारों को अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिए सरकारों ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।
मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिसमें केंद्र और संबंधित राज्यों को विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी।