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आज 1 मार्च 2026 को ईरान की स्थिति राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है, क्योंकि देश के longtime सुप्रीम लीडर अयातोल्ला अली खामेनेई की हाल ही में मौत हो गई है। इसके बाद ईरान में एक अस्थायी नेतृत्व परिषद का गठन किया गया है, जिसमें अयातोल्ला अलरेज़ा अराफी को मुख्य धार्मिक सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
अयातोल्ला अलरेज़ा अराफी ईरान के गार्जियन काउंसिल (Guardian Council) के वरिष्ठ मौलवी हैं और उन्हें लीडरशिप काउंसिल में न्यायिक प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया है। यह परिषद ईरान के अस्थायी सुप्रीम लीडर के तौर पर काम करेगी जब तक कि एसेम्बली ऑफ़ एक्सपर्ट्स नए सुप्रीम लीडर का चुनाव नहीं कर लेती।
लीडरशिप काउंसिल में अराफी के अलावा दो अन्य प्रमुख नेता भी होने की जानकारी है:
🔹 ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान
🔹 सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश घोलामहुसैन मोसेनी एजेई
ई अस्थायी परिषद का गठन ईरान के संविधान के अंतर्गत किया गया है, ताकि सुप्रीम लीडर की मौत के बाद सत्ता का निर्वहन बिना किसी वैधानिक خلल के जारी रहे। अगले सुप्रीम लीडर के चुनाव तक यही परिषद देश के सर्वोच्च धार्मिक-राजनीतिक कर्तव्यों को संभालेगी।
अब ईरान को यह देखना है कि आगे सुप्रीम लीडर का चयन कौन करेगा और यह देश की राजनीति को किस दिशा में ले जाएगा, क्योंकि पिछले दिनों के राजनीतिक तनाव और बाहरी चुनौतियों ने देश की स्थिति को और भी जटिल बना दिया है।