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संसद में पीएम मोदी का ऐतिहासिक भाषण: महिला आरक्षण को अमली जामा पहनाने की दिशा में बड़ा कदम, विपक्ष से राष्ट्रोन्नति के लिए एकता की अपील

(Samvad Media News | 16 अप्रैल 2026)

नई दिल्ली: संसद के विशेष सत्र के पहले दिन लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक और संबंधित तीन महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा के दौरान जोरदार भाषण दिया। पीएम मोदी ने कहा कि यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में देश का ऐतिहासिक कदम है, जिससे नारी शक्ति को संसद और विधानसभाओं में 33% आरक्षण मिलेगा।प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि महिला आरक्षण किसी एक पार्टी के पक्ष में नहीं है, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि इन बिलों को राजनीतिक रंग न दें और देश को राजनीति से ऊपर रखकर एकजुट होकर समर्थन करें। पीएम मोदी ने कहा, “माताओं और बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है। हम इसी भावना के साथ आगे बढ़ रहे हैं।”भाषण की प्रमुख बातें:

  • महिला आरक्षण का महत्व: 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को अब अमल में लाने के लिए तीन बिल पेश किए गए — संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026 और संघ राज्य क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक 2026। पीएम ने कहा कि इससे लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और लोकतंत्र और मजबूत होगा।
  • परिसीमन और जनगणना: बिलों में परिसीमन की प्रक्रिया को भी जोड़ा गया है, जिस पर पीएम ने कहा कि यह लोकतंत्र को और अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाने का हिस्सा है।
  • विपक्ष पर तंज: प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे महिला आरक्षण के नाम पर भ्रम फैला रहे हैं और उत्तर-दक्षिण की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित में सभी को साथ आना चाहिए।
  • राष्ट्रोन्नति पर जोर: पीएम मोदी ने सदन से अपील की कि राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्र की प्रगति को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि यह बिल महिलाओं को सशक्त बनाने का सुनहरा अवसर है।

भाषण के दौरान पीएम मोदी ने जोर दिया कि पिछले वर्षों में पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी लगभग 50% तक पहुंच चुकी है, अब संसद स्तर पर भी यह बदलाव आना चाहिए।सरकार इन तीनों बिलों को आज लोकसभा में पेश कर रही है और कल शाम 4 बजे इन पर वोटिंग हो सकती है। गृह मंत्री अमित शाह भी इन बिलों पर चर्चा का जवाब देंगे।यह विशेष सत्र तीन दिनों का है और महिला आरक्षण के अलावा परिसीमन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। पीएम मोदी के भाषण को सत्तापक्ष ने सराहा, जबकि विपक्ष ने परिसीमन का विरोध जारी रखा।

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