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कानपुर में 92% अंक पाने वाले छात्र ने की आत्महत्या, 95% लाने का सपना था

कानपुर, 18 अप्रैल 2026 (संवाद मीडिया न्यूज़): कानपुर में पढ़ाई के दबाव और 95% अंक न ला पाने की निराशा में एक 16 वर्षीय मेधावी छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रिजल्ट आने के महज एक दिन बाद हुई यह घटना पूरे इलाके में सदमे की लहर पैदा कर रही है।मृतका वैशाली सिंह केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya), अर्मापुर में 10वीं कक्षा की छात्रा थी। CBSE बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में उसे 92 प्रतिशत अंक मिले थे। वैशाली का सपना 95% या उससे ज्यादा अंक लाने का था। रिजल्ट आने के बाद वह काफी तनाव में चली गई थी। घटना 17 अप्रैल (गुरुवार) शाम को हुई। परिजनों के अनुसार, वैशाली ने आत्महत्या से पहले अपने कुछ साथियों को वॉइस मैसेज भेजा था, जिसमें वह कह रही थी:
“मेरे से अब जिया नहीं जाएगा… मैं एक जिंदा लाश बनकर रह गई हूँ… अब मुझे जीने की इच्छा नहीं है। मुझे बहुत डर लगता है… मां मुझ पर इतना पैसा खर्च कर रही हैं… कहीं उनका पैसा बर्बाद न हो जाए।”परिवार का आरोप
वैशाली के पिता वीरेंद्र सिंह की दो साल पहले मौत हो चुकी है। मां काजल (एक मॉल में काम करती हैं) और भाई प्रिंस परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। भाई प्रिंस का आरोप है कि स्कूल के कुछ शिक्षक उन्हें उसके पुराने रिजल्ट से तुलना करते हुए ताने मारते थे – “तुम प्रिंस की बहन हो, तुम्हारे भी मार्क्स अच्छे नहीं आएंगे।” वैशाली ने भाई से कहा था कि वह टीचर्स को गलत साबित करके दिखाएगी। 92% अंक आने के बावजूद स्कूल में किसी ने उसकी तारीफ नहीं की, जिससे वह और टूट गई।मां काजल ने बताया कि वह काम पर गई हुई थीं। दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक कई बार फोन किया, लेकिन वैशाली ने जवाब नहीं दिया। जब भाई प्रिंस घर पहुंचा तो उसने बहन को फांसी पर लटका हुआ पाया।पुलिस कार्रवाई
पनकी थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और वैशाली का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि आत्महत्या पढ़ाई के तनाव के कारण हुई प्रतीत होती है। आगे की जांच जारी है।मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल
यह घटना एक बार फिर बोर्ड परीक्षाओं के बाद छात्रों पर पड़ने वाले अत्यधिक दबाव, अनुचित तुलना और उच्च अपेक्षाओं की ओर इशारा करती है। डॉक्टरों का कहना है कि माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। अंक सब कुछ नहीं होते।परिजनों ने स्कूल प्रशासन से शिक्षकों की इस मानसिक प्रताड़ना पर कार्रवाई की मांग की है।

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