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गिलगित-बाल्टिस्तान चुनाव पर भारत का कड़ा विरोध

गिलगित-बाल्टिस्तान चुनाव पर भारत का कड़ा ऐतराज, पाकिस्तान से कहा- अवैध कब्जा तुरंत खाली करो

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में चुनाव कराने की पाकिस्तान की योजना पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है तथा पाकिस्तान को इस क्षेत्र पर अपना अवैध कब्जा तुरंत समाप्त करना चाहिए।

विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान द्वारा 7 जून को प्रस्तावित गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा चुनावों पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन हैं। भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे क्षेत्र, जिनमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, भारत का अभिन्न हिस्सा हैं।

भारत ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय के अनुसार पाकिस्तान द्वारा आयोजित किए जा रहे तथाकथित चुनावों का कोई कानूनी आधार नहीं है। भारत ने कहा कि इस तरह के कदम पाकिस्तान के अवैध कब्जे को वैधता नहीं दे सकते। साथ ही यह भी कहा गया कि पाकिस्तान को भारत के कब्जे वाले क्षेत्रों से तत्काल हटना चाहिए।

भारत का यह भी कहना है कि गिलगित-बाल्टिस्तान में राजनीतिक दमन, मानवाधिकार उल्लंघन और स्थानीय लोगों के अधिकारों के हनन की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।

7 जून को होने हैं चुनाव

पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा के लिए 7 जून 2026 को मतदान की घोषणा की है। क्षेत्र की 24 निर्वाचित सीटों के लिए चुनाव कराए जा रहे हैं।

हालांकि चुनाव से पहले वहां का राजनीतिक माहौल भी विवादों में है। कुछ विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें चुनाव प्रचार से रोका जा रहा है और राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।

क्यों अहम है गिलगित-बाल्टिस्तान?

गिलगित-बाल्टिस्तान रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। यह क्षेत्र चीन, अफगानिस्तान और भारत की सीमाओं के निकट स्थित है। भारत लंबे समय से इसे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का हिस्सा मानता रहा है, जबकि पाकिस्तान इसका प्रशासनिक नियंत्रण संभालता है। यही वजह है कि यहां होने वाले किसी भी राजनीतिक या प्रशासनिक बदलाव पर भारत लगातार आपत्ति जताता रहा है।

भारत-पाकिस्तान संबंधों पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का मानना है कि गिलगित-बाल्टिस्तान चुनाव को लेकर पैदा हुआ यह नया विवाद पहले से तनावपूर्ण भारत-पाकिस्तान संबंधों में और तल्खी बढ़ा सकता है। भारत ने साफ संकेत दिया है कि वह इस क्षेत्र में पाकिस्तान के किसी भी एकतरफा कदम को स्वीकार नहीं करेगा।

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