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उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद को सुचारु बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने इस बार गेहूं खरीद के दौरान इस्तेमाल होने वाले पुराने (यूज्ड) बोरों की सीधे खरीद की अनुमति दे दी है।
दरअसल, हर साल गेहूं खरीद के समय बारदाने (गनny बैग्स) की कमी बड़ी समस्या बन जाती है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में दिक्कत होती है। कई जगहों पर किसानों को मंडियों में इंतजार करना पड़ता है और खरीद प्रक्रिया प्रभावित होती है।
सरकार के इस फैसले के बाद अब एजेंसियां सीधे इस्तेमाल किए गए बोरों की खरीद कर सकेंगी, जिससे पैकेजिंग की कमी दूर होगी और खरीद प्रक्रिया तेज हो सकेगी। यह कदम खास तौर पर किसानों को राहत देने और समय पर गेहूं की खरीद सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
राज्य में गेहूं खरीद 30 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगी और इसके लिए हजारों क्रय केंद्र बनाए गए हैं। सरकार ने पहले ही MSP ₹2585 प्रति क्विंटल तय किया है और भुगतान सीधे किसानों के खातों में भेजा जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने बोरों की सीधी खरीद से न सिर्फ लागत कम होगी बल्कि सप्लाई चेन भी मजबूत होगी। इससे मंडियों में अव्यवस्था कम होगी और किसानों को अपनी फसल बेचने में आसानी होगी।