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पटना: बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब राज्य में अपराधियों के लिए कोई नरमी नहीं होगी। हाल के बयानों और एक्शन से यह साफ हो गया है कि सरकार “नो-टॉलरेंस” नीति पर काम कर रही है। खुद मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
हाल ही में अपराध के खिलाफ तेज हुई कार्रवाई, एनकाउंटर और अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देशों ने इस नीति को और स्पष्ट कर दिया है। मुख्यमंत्री ने डीएम और एसपी स्तर के अधिकारियों को साफ अल्टीमेटम दिया है कि व्यवस्था में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महिला सुरक्षा, आपातकालीन सेवाओं और अपराध नियंत्रण पर भी विशेष जोर दिया गया है।
इसी बीच, मुख्यमंत्री के एक बयान—“अपराधियों का पिंडदान शुरू”—ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इसे सरकार की आक्रामक रणनीति का संकेत माना जा रहा है, जहां अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की बात कही जा रही है।
हालांकि, इस सख्त रुख को लेकर बहस भी तेज हो गई है। जहां एक तरफ समर्थक इसे बिहार में कानून व्यवस्था सुधारने की दिशा में जरूरी कदम बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे ‘अति-आक्रामक’ नीति करार देकर सवाल उठा रहा है। ऐसे में अब यह देखना अहम होगा कि यह रणनीति राज्य में अपराध पर कितना असर डालती है और सियासी तौर पर क्या नए समीकरण बनाती है।