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“परिवर्तन योजना” के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पात्र व्यावसायिक वाहनों को योजना का लाभ प्रदान किए जाने के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आहूत की गई बैठक

कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डा0 वी0के0 सिंह की अध्यक्षता में “परिवर्तन योजना” के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पात्र व्यावसायिक वाहनों को योजना का लाभ प्रदान किए जाने के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार की “परिवर्तन योजना” के अंतर्गत पुराने एवं अधिक प्रदूषणकारी व्यावसायिक वाहनों को स्वच्छ एवं नवीन वाहनों से प्रतिस्थापित किए जाने तथा वाहन स्वामियों को उपलब्ध विभिन्न प्रोत्साहनों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

बैठक में अवगत कराया गया कि योजना की अवधि 14 जुलाई 2026 से 13 जुलाई 2028 तक है तथा लाभ प्राप्त करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई 2028 निर्धारित है। योजना में मुख्यतः ट्रक एवं बस पात्र हैं। पात्र पुराने वाहन का बीएस-3 अथवा उससे पुराना उत्सर्जन मानक होना आवश्यक है। पात्र पुराना वाहन 30 अप्रैल 2026 तक एनसीआर में पंजीकृत होना चाहिए। पुराने पात्र वाहनों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (आरवीएसएफ) पर स्क्रैप कराया जाना है। प्रतिस्थापन हेतु नया वाहन बीएस-6 डीजल, सीएनजी अथवा इलेक्ट्रिक श्रेणी   का होना चाहिए। योजना के अंतर्गत मोटर वाहन कर में 10 वर्ष तक 100 प्रतिशत छूट एवं पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। वाहन ऋण पर 5 वर्षों तक 5 प्रतिशत ब्याज सहायता का प्रावधान है। निर्माता की ओर से न्यूनतम 8 प्रतिशत एक्स-शोरूम छूट का प्रावधान है। पात्रता एवं निर्धारित शर्तों के अनुसार स्क्रैपिंग, सीओडी, ईंधन वाउचर तथा ईवी प्रोत्साहन आदि का लाभ भी उपलब्ध है। योजना में सरकारी स्वामित्व वाले वाहन, कार, दुपहिया, ट्रैक्टर एवं गैर-परिवहन निजी वाहन पात्र नहीं हैं। योजना संबंधी आवेदन एवं प्रक्रिया हेतु आधिकारिक पोर्टल parivartan-parivahan-gov-in उपलब्ध है।

जिलाधिकारी द्वारा सभी संबंधित विभागों, परिवहन व्यवसायियों, वाहन डीलरों एवं आवीएसएफ संचालकों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए योजना का प्रचार-प्रसार करने तथा पात्र वाहन स्वामियों को योजना के लाभ प्राप्त करने हेतु आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में श्री राजेश कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक (यातायात) मेरठ, श्री राम प्रसाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी, श्री विजय बहादुर सिंह, जिला गन्ना अधिकारी, मेरठ, श्री विनय कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी, मेरठ, श्री विकास कुमार यादव, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) मेरठ, श्री सुधांशु रंजन, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) मेरठ, मेरठ,  परिवहन व्यवसायी/ट्रांसपोर्टर, वाहन निर्माता/डीलर, पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (आरवीएसएफ) के संचालक/स्वामी एवं अन्य संबंधित हितधारकों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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