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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और शिष्यों की बढ़ीं मुश्किलें, नाबालिगों से दुष्कर्म के आरोप में FIR दर्ज

धार्मिक संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद समेत चार लोगों के खिलाफ नाबालिग बच्चों से कुकर्म के गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। झूंसी पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

पाक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया ने शनिवार को झूंसी पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि मामले में निष्पक्ष, स्वतंत्र और शीघ्र जांच की जाए। अदालत ने यह भी कहा कि जांच के दौरान पीड़ित बच्चों की पहचान और गरिमा की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

कोर्ट में याचिका के बाद हुआ मुकदमा दर्ज

यह मामला शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा पिछले माह दायर अर्जी के बाद सामने आया। अर्जी में आरोप लगाया गया था कि माघ मेले के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों ने नाबालिग लड़कों के साथ कुकर्म किया। कोर्ट में पीड़ित बच्चों के बयान भी दर्ज कराए गए थे। इसके बाद पुलिस कमिश्नर से जांच रिपोर्ट मांगी गई थी।

महाकुंभ 2025 में भी आरोप

एफआईआर के अनुसार, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर महाकुंभ 2025 के दौरान भी दो किशोरों से दुष्कर्म करने के आरोप हैं। बताया गया है कि मेला क्षेत्र में नाबालिग लड़कों को धार्मिक सेवा के नाम पर बहलाया गया और उनके साथ गलत कृत्य किए गए।

गुरु सेवा के नाम पर दबाव

पीड़ितों का आरोप है कि उनसे गुरु की सेवा के नाम पर दबाव बनाया जाता था और कहा जाता था कि ऐसा करने से आशीर्वाद मिलेगा। कई मामलों में धार्मिक आस्था की आड़ ली गई, जबकि कुछ घटनाओं में जबरदस्ती भी की गई। आरोप यह भी है कि माघ मेला शिविर और शिविर के बाहर खड़ी गाड़ी में भी नाबालिगों के साथ कुकर्म किया गया।

फिलहाल झूंसी पुलिस ने मामला दर्ज कर साक्ष्य संकलन और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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