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महर्षि वाल्मीकि जयन्ती के अवसर पर आज जिलाधिकारी डॉ0 वी0के0 सिंह द्वारा रजबन स्थित वाल्मीकि मंदिर (महर्षि वाल्मीकि चौक) में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी व अन्य अधिकारियो द्वारा महर्षि वाल्मीकि जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।

जिलाधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में महर्षि वाल्मीकि जयन्ती के अवसर पर मंदिरों में महर्षि वाल्मीकि रचित ’रामायण के अखण्ड पाठ का आयोजन किया जा रहा है। सभी जनपदवासियो को वाल्मीकि जयंती की शुभकामना देते हुये उन्होने कहा कि आपसी सदभाव के साथ मिलजुलकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में कार्यक्रम को आयोजित करें जिससे सभी लोगो में सद्भाव और मजबूत हो। उन्होने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के आदर्श प्रासंगिक है समाज में समानता, शिक्षा, स्वावलंबन और परिश्रम की भावना को बढावा देना ही उनके जीवन की सच्ची साधना है।
उन्होने कहा कि हम सब मिलकर महर्षि वाल्मीकि जी द्वारा रचित रामायण के मूल्य और आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात् करें तथा समाज में आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने और राष्ट्र की प्रगति में अपना योगदान दें। महर्षि वाल्मीकि जी भारतीय संस्कृति के आदर्श है, जिन्होने रामायण जैसी अमर कृति के माध्यम से मर्यादा, सत्य, करूणा और धर्मपरायणता का जीवन दर्शन प्रस्तुत किया। उन्होने बताया कि महर्षि वाल्मीकि से सम्बन्धित स्थल/मन्दिर आदि पर दीप प्रज्जवलन/दीपदान के साथ-साथ अनवरत् 8, 12 अथवा 24 घंटें का वाल्मीकि रामायण का पाठ किया जा रहा है। वाल्मीकि रामायण में निहित मानव मूल्यो, सामाजिक मूल्यो व राष्ट्रीय मूल्यो से आम जनमानस को इस अभियान से जोडा जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल सहित अन्य संबंधित अधिकारी, आयोजन समिति के सदस्य आदि उपस्थित रहे।
