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अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ की गई नौसैनिक नाकेबंदी का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कदम के बाद ईरान का तेल निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और बड़ी मात्रा में कच्चा तेल समुद्र में टैंकरों पर ही फंसा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल के मध्य तक ईरान के तेल निर्यात में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। इसके साथ ही तेल उत्पादन में भी कमी आने की आशंका जताई जा रही है, जो आने वाले समय में हालात को और गंभीर बना सकती है।
इस नाकेबंदी का असर केवल ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है। चीन जैसे बड़े आयातक देशों की सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है, क्योंकि वे ईरानी तेल पर काफी हद तक निर्भर हैं। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है और तेल की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है। जानकारों के मुताबिक, अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।