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बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आ रहा है। राज्य में गुरुवार को होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और इसे लेकर सियासी हलचल चरम पर है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर सरकार और प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बार मंत्रिमंडल विस्तार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) से 16-16 मंत्री शपथ ले सकते हैं। यानी कुल मिलाकर दोनों दलों के बीच बराबरी का फॉर्मूला अपनाया जा रहा है, जिससे गठबंधन में संतुलन बनाए रखने की कोशिश साफ दिखाई दे रही है।
यह शपथ ग्रहण समारोह दोपहर करीब 12 बजे के बाद शुरू हो सकता है। खास बात यह है कि इस कार्यक्रम को भव्य बनाने की तैयारी की गई है और इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर एक और बड़ी चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर है। माना जा रहा है कि उन्हें भी मंत्री पद की जिम्मेदारी मिल सकती है, हालांकि इस पर अभी आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कैबिनेट विस्तार सिर्फ मंत्रियों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश भी की जा रही है। इसमें नए चेहरों के साथ-साथ अनुभवी नेताओं को भी जगह मिल सकती है।
गांधी मैदान में इस बड़े आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं और बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। यह आयोजन सिर्फ एक शपथ ग्रहण समारोह नहीं, बल्कि एनडीए की ताकत और एकजुटता का बड़ा प्रदर्शन भी माना जा रहा है।
फिलहाल बिहार की राजनीति की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर किन नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिलती है और यह नया समीकरण राज्य की राजनीति को किस दिशा में लेकर जाता है।