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लाहौर की सड़कों पर एक बार फिर ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने माहौल को अचानक तनावपूर्ण बना दिया। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा नाम Amir Hamza उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब उस पर अज्ञात हमलावरों ने गोलियां चला दीं। बताया जा रहा है कि यह हमला एक न्यूज़ चैनल के दफ्तर के बाहर हुआ, जहां हमलावर आए, निशाना साधा और फिर फिल्मी अंदाज़ में मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल हमजा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। यह घटना अपने तरीके और टाइमिंग के कारण किसी “धुरंधर” स्टाइल ऑपरेशन जैसी लगती है—चुपचाप आना, सटीक हमला करना और बिना कोई सुराग छोड़े गायब हो जाना। खास बात यह है कि हाल के समय में पाकिस्तान में इस तरह के कई हमले सामने आए हैं, जिनमें टारगेट अक्सर आतंकी नेटवर्क से जुड़े बड़े नाम ही रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर “अनजान हमलावर” को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं—कौन है यह, कहां से आता है और कैसे हर बार अपने निशाने पर सटीक वार कर गायब हो जाता है। इस पूरे घटनाक्रम ने पाकिस्तान के भीतर सुरक्षा और नियंत्रण को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां कभी डर का कारण रहे लोग अब खुद डर के साए में नजर आ रहे हैं।