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पश्चिम एशिया में बढ़ते तेल संकट और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को अगले छह महीने तक गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से बचने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने सरकारी खर्चों में कटौती, ईंधन बचत और संसाधनों के सही उपयोग पर जोर दिया है। इसके साथ ही कार पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन के ज्यादा इस्तेमाल को भी बढ़ावा देने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए सरकार को सादगी और बचत की नीति अपनानी होगी। अधिकारियों और मंत्रियों को अनावश्यक यात्रा से बचने और जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है।
सरकार का मानना है कि इससे ईंधन की खपत कम होगी और सरकारी खर्चों में भी कमी आएगी।
बैठक में कार पूलिंग को बढ़ावा देने और अनावश्यक वाहनों के उपयोग को कम करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जहां संभव हो वहां साझा वाहन व्यवस्था अपनाई जाए।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने अपने और मंत्रियों के काफिलों में भी 50 प्रतिशत तक वाहन कम करने के निर्देश दिए थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला प्रधानमंत्री Narendra Modi की उस अपील के बाद आया है, जिसमें उन्होंने देशवासियों से ईंधन बचाने, सादगी अपनाने और संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करने की बात कही थी।
प्रधानमंत्री ने हाल ही में इलेक्ट्रिक वाहनों, सार्वजनिक परिवहन और ऊर्जा बचत पर भी जोर दिया था।
ईरान और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक तेल संकट का असर सीधे देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर पड़ सकता है।
सरकार अब ईंधन बचत, खर्च नियंत्रण और वैकल्पिक ऊर्जा के इस्तेमाल पर ज्यादा ध्यान दे रही है।