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इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुई “कॉकरोच जनता पार्टी” अब सीधे सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। पार्टी और उससे जुड़े कैंपेन के खिलाफ एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिसमें CBI जांच की मांग उठाई गई है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि “कॉकरोच जनता पार्टी” सुप्रीम कोर्ट की मौखिक टिप्पणियों का गलत इस्तेमाल कर रही है और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। साथ ही कुछ “फर्जी वकीलों” के नेटवर्क की भी जांच कराने की मांग की गई है।
दरअसल, “कॉकरोच जनता पार्टी” पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर एक वायरल डिजिटल मूवमेंट बनकर उभरी है। इसकी शुरुआत कथित तौर पर युवाओं और बेरोजगारी को लेकर हुई एक टिप्पणी के बाद हुई थी, जिसके बाद मीम्स, इंस्टाग्राम रील्स और व्यंग्यात्मक पोस्ट्स की बाढ़ आ गई।
अब हालात ऐसे हैं कि सोशल मीडिया पर लोग मजाक में लिख रहे हैं — “देश में पहली बार कॉकरोच भी संविधान बचाने निकल पड़े!” हालांकि यह पूरा आंदोलन व्यंग्य और मीम संस्कृति से जुड़ा माना जा रहा है।
इंटरनेट पर इस ट्रेंड ने इतना जोर पकड़ा कि “ऑगी जनता पार्टी” जैसी दूसरी मीम पार्टियां भी सामने आ गईं। दोनों के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर मीम युद्ध छिड़ा हुआ है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, “कॉकरोच जनता पार्टी” के संस्थापक अभिजीत दिपके को महाराष्ट्र में पुलिस सुरक्षा भी दी गई है। प्रशासन का कहना है कि यह एहतियातन कदम है।
इस पूरे घटनाक्रम ने भारतीय राजनीति में मीम संस्कृति, युवा असंतोष और सोशल मीडिया की ताकत पर नई बहस छेड़ दी है। कई लोग इसे “Gen Z का डिजिटल विरोध” बता रहे हैं, तो कुछ इसे सिर्फ इंटरनेट एंटरटेनमेंट मान रहे हैं।
फिलहाल मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुका है। अब देखना होगा कि अदालत इस “कॉकरोच बनाम सिस्टम” वाली डिजिटल कहानी को किस नजर से देखती है। इंटरनेट पर लोग फिलहाल यही पूछ रहे हैं — “अगली सुनवाई में क्या Oggy भी पार्टी बनेगा?