1
1
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब राजधानी में प्रवेश करने वाले कमर्शियल वाहनों पर पर्यावरण मुआवजा शुल्क (Environmental Compensation Charge – ECC) बढ़ा दिया गया है। इस फैसले का सीधा असर ट्रकों और अन्य भारी वाहनों पर पड़ेगा, क्योंकि अब उन्हें पहले से ज्यादा पैसा देकर ही दिल्ली में एंट्री मिल पाएगी।
सरकार का कहना है कि यह कदम खास तौर पर उन डीजल ट्रकों और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को रोकने के लिए उठाया गया है, जो दिल्ली की खराब हवा के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं।
नई दरों के अनुसार, हल्के कमर्शियल वाहन और 2-एक्सल ट्रकों का शुल्क 1400 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया गया है। वहीं, 3-एक्सल और उससे बड़े भारी ट्रकों के लिए यह चार्ज 2600 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये तक पहुंच गया है।
सिर्फ इतना ही नहीं, सरकार ने यह भी तय किया है कि हर साल अप्रैल महीने में इस शुल्क में 5% की बढ़ोतरी अपने आप हो जाएगी। इसका मकसद यह है कि समय के साथ यह नियम असरदार बना रहे और ट्रांसपोर्ट कंपनियां धीरे-धीरे साफ और कम प्रदूषण वाले विकल्पों की ओर बढ़ें।
इस फैसले के पीछे सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी भी है, जिसने इस नए सिस्टम को सही और संतुलित बताया है। कोर्ट ने पहले भी कहा था कि जो भारी वाहन दिल्ली के अंदर जरूरी काम के लिए नहीं आ रहे, उन्हें शहर के बाहर बने एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों कम हो सकें।
सरकार का साफ कहना है कि यह फैसला सिर्फ पैसे कमाने के लिए नहीं, बल्कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है। दिल्ली लंबे समय से एयर पॉल्यूशन की गंभीर समस्या से जूझ रही है, और ऐसे में यह कदम शहर की हवा को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, अब दिल्ली में कमर्शियल वाहनों की एंट्री महंगी हो गई है। इससे उम्मीद की जा रही है कि शहर में भारी वाहनों की संख्या कम होगी और प्रदूषण पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।