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अटलांटिक महासागर में मौजूद डच क्रूज शिप MV Hondius पर फैले हंतावायरस संक्रमण ने दुनिया भर की स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अब तक इस वायरस से 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई यात्री संक्रमित पाए गए हैं। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने साफ किया है कि फिलहाल यह स्थिति कोरोना महामारी जैसी नहीं है और आम लोगों के लिए जोखिम कम माना जा रहा है।
WHO प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने कहा कि हंतावायरस का यह प्रकोप कोविड-19 की शुरुआत जैसी स्थिति नहीं है। संगठन के अनुसार यह वायरस तेजी से हवा में फैलने वाला संक्रमण नहीं है और इसका खतरा फिलहाल सीमित माना जा रहा है। हालांकि WHO ने यह भी चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में कुछ और मामले सामने आ सकते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह संक्रमण अर्जेंटीना से रवाना हुए क्रूज शिप MV Hondius पर फैला। जहाज पर सवार यात्रियों में बुखार और सांस से जुड़ी समस्याएं सामने आने लगीं। जांच में हंतावायरस के एंडीज स्ट्रेन की आशंका जताई गई, जो इंसान से इंसान में सीमित रूप से फैल सकता है।
अब तक 8 मामलों की पुष्टि या आशंका जताई जा चुकी है। इनमें 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हंतावायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क से फैलता है। इसके शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे होते हैं — बुखार, बदन दर्द, कमजोरी और सिरदर्द। लेकिन गंभीर मामलों में यह फेफड़ों पर हमला करता है और मरीज को सांस लेने में भारी परेशानी होने लगती है।
विशेषज्ञों के अनुसार एंडीज स्ट्रेन सबसे ज्यादा चिंता का कारण है क्योंकि यह दुर्लभ मामलों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है।
WHO और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। यह वायरस कोरोना की तरह तेजी से फैलने वाला नहीं माना जाता। हालांकि बंद जगहों जैसे क्रूज शिप में संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। यही वजह है कि जहाज पर मौजूद यात्रियों की निगरानी की जा रही है और कई देशों में ट्रैकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
अमेरिका, ब्रिटेन, स्पेन और कई यूरोपीय देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां यात्रियों और उनके संपर्क में आए लोगों की निगरानी कर रही हैं। WHO ने कहा है कि अभी यात्रा या व्यापार पर किसी तरह की रोक लगाने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है।