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मध्य पूर्व में कई दिनों से जारी तनाव के बीच राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने इजरायल के खिलाफ चल रहे अपने मौजूदा सैन्य अभियानों को समाप्त करने की घोषणा की है। ईरानी सैन्य नेतृत्व का कहना है कि उसने अपने जवाबी अभियान के उद्देश्यों को पूरा कर लिया है और फिलहाल हमले रोक दिए गए हैं।
हालांकि, इस घोषणा के साथ ही ईरान ने इजरायल को सख्त चेतावनी भी दी है। तेहरान ने कहा है कि यदि लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई जारी रहती है या बेरूत सहित अन्य इलाकों को निशाना बनाया जाता है, तो ईरान फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है।
ईरान लंबे समय से यह कहता रहा है कि क्षेत्र में किसी भी युद्धविराम या शांति समझौते में लेबनान को शामिल किया जाना चाहिए। ईरानी विदेश मंत्रालय ने पहले भी चेतावनी दी थी कि लेबनान में इजरायली हमले किसी भी युद्धविराम व्यवस्था को कमजोर कर सकते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि लेबनान में सक्रिय संगठन हिज्बुल्लाह और ईरान के बीच करीबी संबंधों के कारण यह मुद्दा तेहरान के लिए बेहद संवेदनशील है। इसी वजह से ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि लेबनान में हालात बिगड़ने पर वह चुप नहीं बैठेगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में दोनों पक्षों से संघर्ष रोकने की अपील की थी। इसके बाद ईरान ने अपने सैन्य अभियान समाप्त करने का ऐलान किया। हालांकि क्षेत्र में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और हालात अभी भी बेहद नाजुक बने हुए हैं।
ईरान-इजरायल तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर भी देखने को मिला। संघर्ष बढ़ने की आशंका के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई थी, लेकिन ईरान द्वारा सैन्य अभियान रोकने की घोषणा के बाद बाजारों में कुछ राहत देखी गई।
हालांकि ईरान ने फिलहाल हमले रोक दिए हैं, लेकिन उसकी चेतावनी साफ संकेत देती है कि मध्य पूर्व में शांति अभी पूरी तरह स्थापित नहीं हुई है। लेबनान में होने वाली किसी भी बड़ी सैन्य कार्रवाई से हालात दोबारा भड़क सकते हैं और क्षेत्र एक बार फिर व्यापक संघर्ष की ओर बढ़ सकता है।