1
1
पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस वक्त बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला जब TMC नेता जहांगीर खान ने फाल्टा विधानसभा सीट के पुनर्मतदान से ठीक पहले चुनावी मैदान छोड़ने का फैसला कर लिया। ‘पुष्पा’ स्टाइल और आक्रामक छवि के कारण चर्चा में रहने वाले जहांगीर खान के इस फैसले ने बंगाल की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जहांगीर खान ने दावा किया कि क्षेत्र के विकास को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि उन्हें विशेष विकास पैकेज का भरोसा दिया गया, जिसके बाद उन्होंने चुनाव से हटने का निर्णय लिया।
हालांकि TMC नेताओं ने संकेत दिए कि उन पर राजनीतिक दबाव भी बनाया गया। वहीं विपक्ष इसे TMC की “कमजोरी” बता रहा है।
फाल्टा विधानसभा सीट पहले से ही विवादों में रही है। इससे पहले यहां मतदान के दौरान धांधली और अनियमितताओं के आरोप लगे थे, जिसके बाद चुनाव आयोग ने मतदान रद्द कर दोबारा वोटिंग कराने का फैसला लिया था।
इसी बीच जहांगीर खान के चुनाव से हटने ने इस सीट को और ज्यादा हाई-प्रोफाइल बना दिया है।
जहांगीर खान सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में ‘पुष्पा’ अंदाज की वजह से काफी वायरल हुए थे। समर्थक उन्हें “झुकेगा नहीं” वाले अंदाज में पेश करते थे, लेकिन अब उनके चुनाव मैदान छोड़ने पर विपक्ष तंज कस रहा है कि “पुष्पा झुक गया।”
जहांगीर खान के हटने के बाद फाल्टा सीट का मुकाबला पूरी तरह बदल गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसका असर दक्षिण 24 परगना की राजनीति और आने वाले चुनावी समीकरणों पर भी पड़ सकता है।