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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत-अमेरिका संबंधों को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि भारत अमेरिका के सबसे करीबी सहयोगियों में शामिल है। एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर तेजी से प्रगति हो रही है और जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं।
रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने QUAD को केवल चर्चा का मंच नहीं बल्कि जमीन पर असर दिखाने वाला गठबंधन बताया। उन्होंने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारत की भूमिका बेहद अहम है।
ईरान और मिडिल ईस्ट संकट पर बोलते हुए रुबियो ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि तनाव का समाधान कूटनीतिक तरीके से निकले। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान के साथ समझौते की दिशा में जल्द प्रगति हो सकती है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को वैश्विक ऊर्जा बाजार और स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज को “बंधक” बनाने की अनुमति नहीं देगा। रुबियो ने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखना अमेरिका की प्राथमिकता है।
मार्को रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बैठकों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आतंकवाद, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर व्यापक सहयोग जारी है।
रिपोर्ट के अनुसार, रुबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से अमेरिका आने का निमंत्रण भी सौंपा। इसे दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इस दौरान रुबियो ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों लोकतांत्रिक देशों के साझा रणनीतिक हित भी हैं। उन्होंने आतंकवाद और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर भारत के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।