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NMDC किरंदुल दौरे पर CMD अमिताभ मुखर्जी को यूनियन ने सौंपा 20 सूत्रीय मांग पत्र, कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की मांग

NMDC के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक CMD सम्माननीय श्री अमिताभ मुखर्जी जी एवं निदेशक मंडल की टीम के बीआईओएम किरंदुल काम्प्लेक्स प्रवास पर मेटल माईंस वर्कर्स यूनियन ( इंटक) किरंदुल ने कर्मचारियों एवं नगर वासियों के जन उपयोगी लंबित कार्यों से संबंधित 20 सूत्री मांग पत्र पर सकारात्मक कार्यवाही की मांग की

NMDC के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक सम्माननीय श्री अमिताभ मुखर्जी जी, निदेशक टेक्निकल, निदेशक उत्पादन, निदेशक कार्मिक, निदेशक वित्त,के बी आई ओ एम किरंदुल काम्प्लेक्स प्रवास पर मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (इंटक) के तत्वावधान में, अध्यक्ष श्री विनोद कश्यप एवं सचिव श्री ए. के. सिंह के कुशल नेतृत्व में यूनियन पदाधिकारियों के साथ एनएमडीसी के माननीय अध्यक्ष–सह–प्रबंध निदेशक, सम्माननीय श्री अमिताभ मुखर्जी जी के नाम कर्मचारियों एवं नगर परिवार के जन उपयोगी कार्यों से संबंधित विभिन्न लंबित मांगों के समाधान हेतु एक विस्तृत, तथ्यपरक, सुव्यवस्थित एवं अत्यंत सम्मानजनक मांग पत्र सौंपा गया।

यह ज्ञापन विशेष रूप से
सीएमडी सम्माननीय अमिताभ मुखर्जी जी को सौंपते हुए यूनियन ने उनके कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी सोच, संवेदनशील कार्यशैली एवं संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए विनम्र शब्दों में विश्वास व्यक्त किया कि उनके सक्षम मार्गदर्शन में कर्मचारियों की समस्याओं का त्वरित, न्यायोचित एवं सकारात्मक समाधान सुनिश्चित होगा।

यूनियन ने यह भी रेखांकित किया कि प्रबंधन एवं कर्मचारियों के मध्य सुदृढ़ समन्वय ही एनएमडीसी की प्रगति की आधारशिला है, और इसी पारस्परिक विश्वास एवं सहयोग के बल पर संगठन निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है।

ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई

एनएमडीसी द्वारा 53 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन का ऐतिहासिक लक्ष्य प्राप्त करना न केवल संगठन की एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि यह NMDC के समस्त कर्मचारियों के अथक परिश्रम, अनुशासन एवं समर्पण तथा प्रबंधन के प्रभावी नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण भी है। देश में अग्रणी स्थान बनाए रखना पूरे संगठन के लिए गर्व एवं प्रेरणा का विषय है।

उक्त अभूतपूर्व सफलता के अवसर पर यूनियन ने कर्मचारियों, ठेका श्रमिकों , सुरक्षा प्रहरियों से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण एवं दीर्घकालीन लंबित मांगों की ओर गंभीरता से ध्यान आकर्षित करते हुए उनके शीघ्र एवं सकारात्मक निराकरण का विनम्र आग्रह किया—

🔹 वेज रिवीजन – विगत 4 वर्षों से लंबित वेतन संशोधन को शीघ्र लागू किया जाए।
🔹 नियमित भर्ती – एल-1, एल-2 सहित विभिन्न श्रेणियों में आवश्यकतानुसार त्वरित स्थायी भर्ती कर कार्यबल को सुदृढ़ किया जाए।
🔹 ठेका श्रमिक कल्याण – ESIC, फूड कूपन, आवास एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का समुचित प्रावधान सुनिश्चित किया जाए।
🔹 प्रोत्साहन योजना – 53 मिलियन टन उपलब्धि के उपलक्ष्य में कर्मचारियों, ठेका श्रमिकों , सुरक्षा प्रहरियों को प्रोत्साहन स्वरूप उचित लाभ प्रदान किए जाएं।
🔹 LOP व्यवस्था सुधार – वर्तमान व्यवस्था में आवश्यक सुधार हेतु द्विपक्षीय बैठक आयोजित की जाए।
🔹 एरियर्स भुगतान – वर्ष 2022 में पदस्थ कर्मचारियों के लंबित एरियर्स का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
🔹 सिविल विभाग सुदृढ़ीकरण – विकास एवं रखरखाव कार्यों हेतु सक्षम विभागाध्यक्ष एवं पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति की जाए।
🔹 यात्रा भत्ता संशोधन (TA) – वर्तमान महंगाई दर के अनुरूप समुचित वृद्धि की जाए।
🔹 स्थानांतरण नीति – लंबित स्थानांतरण आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
🔹 बस सुविधा – किरंदुल से रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर हेतु नियमित परिवहन सुविधा प्रारंभ की जाए।
🔹 द्विपक्षीय संवाद – मुख्यालय स्तर पर नियमित बैठक एवं संवाद व्यवस्था पुनः प्रारंभ की जाए।
🔹 रिटेंशन नियम संशोधन – टाइप-3 आवास से संबंधित नियमों में आवश्यक सुधार किया जाए।
🔹 पर्यावरण पहल – पर्यावरण संरक्षण हेतु इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित किया जाए।
🔹 सेवानिवृत्त कर्मचारियों हेतु सुविधा – परियोजना क्षेत्र में प्रवेश के लिए पहचान पत्र जारी किए जाएं।
🔹 विकास कार्य पूर्णता – ओवरब्रिज सहित लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण किया जाए।
🔹 चिकित्सा सुविधाएं – परियोजना अस्पताल में डायलिसिस एवं MRI जैसी उन्नत सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
🔹 वर्ष 2025 में नव पदस्थ कर्मचारियों को स्टाईफंड राशि में बढ़ोतरी किया जाए ।
🔹 हाई टेक्नोलॉजी के नयी मशीनों के सुचारू संचालन एवं रख रखाव के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाए।
🔹 बचेली किरंदुल परियोजना के बीच स्थित पाढ़ापुर मुक्ति धाम की सर्वसुविधायुक्त जीर्णोद्वार कार्य किया जाए ।

यूनियन ने अत्यंत संतुलित एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए यह स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की निष्ठा, परिश्रम एवं समर्पण ही संगठन की वास्तविक पूंजी है। अतः उनके हितों का संरक्षण एवं संवर्धन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, जिससे संगठन की प्रगति और अधिक सुदृढ़ एवं सतत बनी रहे।

अंत में मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन ने माननीय श्री अमिताभ मुखर्जी जी एवं एनएमडीसी प्रबंधन से विनम्र आग्रह किया कि उपर्युक्त सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक, गंभीरतापूर्वक एवं प्राथमिकता के आधार पर विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, जिससे कर्मचारियों का विश्वास, उत्साह एवं मनोबल और अधिक प्रबल हो सके।

“सशक्त नेतृत्व, समर्पित कर्मचारी एवं पारदर्शी संवाद—इन्हीं मूल्यों के साथ एनएमडीसी निरंतर प्रगति के नए शिखरों को स्पर्श कर रहा है।”

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