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पीएम मोदी की अपील के बाद कई मुख्यमंत्रियों ने घटाया अपना काफिला, ईंधन बचत की मुहिम में शामिल

नई दिल्ली/लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन संरक्षण और व्यय में किफायत बरतने की अपील के बाद भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्रियों ने अपने काफिलों को छोटा करने का फैसला लिया है। पीएम मोदी ने खुद अपने काफिले को काफी कम कर दिया है और सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाए रखते हुए वाहनों की संख्या घटाई है। इस पहल का असर अब राज्यों में भी दिख रहा है।

कौन-कौन से मुख्यमंत्रियों ने काफिला घटाया?

उत्तर प्रदेश: योगी आदित्यनाथ
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी की अपील पर तुरंत कार्रवाई करते हुए खुद और अपने मंत्रियों के काफिले में 50 प्रतिशत कमी का आदेश दिया। अनावश्यक वाहनों को हटाने, वर्क-फ्रॉम-होम को बढ़ावा देने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के उपयोग पर जोर दिया गया है। गोरखपुर जैसे शहरों में भी मेयर और सांसदों ने काफिले छोटे कर दिए।

मध्य प्रदेश: डॉ. मोहन यादव
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने आधिकारिक काफिले में वाहनों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी। उन्होंने मंत्रियों से भी न्यूनतम वाहनों का उपयोग करने की अपील की और वाहन रैलियों पर प्रतिबंध लगा दिया।

राजस्थान: भजन लाल शर्मा
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अनावश्यक काफिला वाहनों से बचने के निर्देश दिए। उन्होंने खुद भी काफिले का आकार कम किया।

दिल्ली: रेखा गुप्ता
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विभागीय कामों के लिए वाहनों की संख्या सीमित करने का फैसला लिया। कार풪लिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और न्यूनतम वाहनों के उपयोग पर जोर दिया गया।

गोवा: प्रमोद सावंत
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी अपने काफिले को 50 प्रतिशत कम कर दिया।

पीएम मोदी का संदेशपीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के बीच ईंधन की बचत, अनावश्यक खर्च पर रोक और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि देश को किफायती तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। खुद इस मुहिम का नेतृत्व करते हुए उन्होंने अपने काफिले को काफी छोटा किया, जिसमें सुरक्षा के जरूरी प्रोटोकॉल बरकरार रखे गए।यह अभियान VIP संस्कृति को कम करने और जनता से जुड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कई राज्यों में ‘नो व्हीकल डे’, वर्चुअल मीटिंग्स और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्रोत्साहन देने की योजनाएं भी शुरू हो गई हैं।यह पहल न केवल ईंधन बचाएगी बल्कि सरकारी खर्च में भी कटौती करेगी। आम जनता से भी अपील है कि वे इस मुहिम में शामिल हों और जहां संभव हो पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइकिल या कार풪लिंग का उपयोग करें।

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