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पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने पहले ही दिन प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत दे दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक नई सरकार अब पूरे प्रशासनिक ढांचे की समीक्षा कर रही है और जल्द ही बड़े स्तर पर IAS-IPS अधिकारियों के तबादले हो सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार बदलाव की शुरुआत मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से की गई है। नई सरकार ने कुछ अहम नियुक्तियां और जिम्मेदारियों में फेरबदल शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कई विभागों में बड़े प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक नई भाजपा सरकार कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर काफी सक्रिय नजर आ रही है। खासतौर पर पुलिस विभाग और जिला प्रशासन में बदलाव की तैयारी चल रही है। चुनाव के दौरान हुए बड़े पैमाने के तबादलों के बाद अब स्थायी प्रशासनिक ढांचा तैयार करने की कोशिश हो रही है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शपथ लेने के बाद कहा कि बंगाल में अब “सोनार बांग्ला” का नया दौर शुरू होगा। उन्होंने विकास, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर सख्ती को सरकार की प्राथमिकता बताया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में भाजपा की पहली सरकार अपनी अलग कार्यशैली दिखाने की कोशिश करेगी। यही वजह है कि सरकार बनते ही प्रशासनिक स्तर पर तेजी से फैसले लेने की तैयारी दिखाई दे रही है।
वहीं तृणमूल कांग्रेस ने नई सरकार के फैसलों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। पार्टी नेताओं का आरोप है कि भाजपा प्रशासनिक ढांचे को पूरी तरह बदलने की कोशिश कर रही है। हालांकि भाजपा का कहना है कि यह बदलाव बेहतर शासन और पारदर्शिता के लिए जरूरी हैं।