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पश्चिम बंगाल में मतदान के दौरान एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया, जहां लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व अचानक पारिवारिक ड्रामे में बदल गया। वोट डालने आई एक महिला को उसके पति ने पोलिंग बूथ के बाहर पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि महिला पिछले दो साल से लापता थी और अपने प्रेमी के साथ रह रही थी। इस घटना ने मतदान केंद्र पर मौजूद लोगों को स्तब्ध कर दिया।
यह मामला पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी क्षेत्र के एक पोलिंग बूथ का है, जहां मतदान के दिन एक व्यक्ति सुबह से ही अपनी पत्नी का इंतजार कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, उसकी पत्नी करीब दो साल पहले उसे छोड़कर किसी अन्य व्यक्ति के साथ चली गई थी। पति को अंदाजा था कि मतदान के चलते वह अपने नाम दर्ज बूथ पर जरूर आएगी, इसलिए वह घंटों तक वहीं डटा रहा।
दोपहर करीब 2 बजे जब महिला वोट डालने के लिए पोलिंग बूथ पहुंची, तो पति ने अचानक उस पर हमला कर दिया। उसने महिला के बाल खींचे और उसका वोटर आईडी छीनने की कोशिश की, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और महिला को आरोपी पति से बचाया।
जांच में सामने आया कि पति अपनी पत्नी का नाम अपने से जुड़ा हुआ होने के कारण नाराज था और चाहता था कि उसका नाम वोटर आईडी से हटाया जाए। उसने यह भी मांग की कि जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक महिला को वोट न डालने दिया जाए, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उसकी बात मानने से इनकार कर दिया। बाद में महिला को सुरक्षित तरीके से वोट डालने दिया गया और उसे वहां से बाहर निकाला गया।
इस पूरी घटना ने मतदान केंद्र पर मौजूद लोगों और अधिकारियों को हैरान कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, चुनाव ड्यूटी के दौरान इस तरह का मामला बेहद दुर्लभ है। यह घटना दिखाती है कि कैसे निजी विवाद भी कभी-कभी सार्वजनिक और संवेदनशील स्थानों तक पहुंच जाते हैं।