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किरंदुल में इंटक संबद्ध यूनियन का साइबर फ्रॉड पर विशेष प्रशिक्षण, श्रमिकों को किया जागरूक

किरंदुल (छत्तीसगढ़)। मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (इंटक) द्वारा कैडर डेवलपमेंट के तहत चलाए जा रहे सशक्त एवं दूरदर्शी प्रशिक्षण कार्यक्रम की श्रृंखला में रविवार, 19 अप्रैल 2026 को “साइबर फ्रॉड एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव” विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। यूनियन के अनुरोध पर किरंदुल थाना प्रभारी टीआई श्री संजय यादव ने श्रमिकों को इस विषय पर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन दिया।

यह प्रशिक्षण श्रृंखला 22 मार्च 2026 को राष्ट्रीय एवं छत्तीसगढ़ राज्य इंटक नेतृत्व के मार्गदर्शन में यूनियन के अध्यक्ष श्री विनोद कश्यप और सचिव श्री ए.के. सिंह के नेतृत्व में प्रारंभ की गई थी। इसका उद्देश्य श्रमिकों का सर्वांगीण विकास, बौद्धिक सशक्तिकरण और संगठनात्मक मजबूती सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम के पंचम सप्ताह में आयोजित इस सत्र में थाना प्रभारी संजय यादव ने डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जताते हुए कहा कि आज के समय में तकनीकी सुविधाओं के साथ जोखिम भी तेजी से बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी नई-नई तकनीकों का उपयोग कर लोगों को ठगने का प्रयास करते हैं और छोटी सी असावधानी भी बड़ी आर्थिक व मानसिक हानि का कारण बन सकती है।

उन्होंने विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन फ्रॉड जैसे फर्जी कॉल के जरिए ओटीपी या बैंक डिटेल मांगना, फिशिंग लिंक एवं नकली वेबसाइट, यूपीआई फ्रॉड, लॉटरी या इनाम के नाम पर ठगी, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, फेक मोबाइल ऐप्स तथा नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि अपराधी अक्सर लोगों की भावनाओं, लालच, डर और जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं।

संजय यादव ने श्रमिकों को सतर्क रहने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति से ओटीपी, पासवर्ड या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें, संदिग्ध लिंक या ईमेल से दूर रहें, केवल आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का उपयोग करें तथा मोबाइल में सुरक्षा फीचर्स का इस्तेमाल अवश्य करें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

प्रशिक्षण के दौरान वास्तविक घटनाओं के उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने यह समझाया कि छोटी-छोटी लापरवाहियां किस तरह बड़ी ठगी में बदल जाती हैं। उनके सरल और व्यवहारिक प्रस्तुतीकरण से श्रमिकों ने विषय को आसानी से समझा और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।

इस सत्र में बड़ी संख्या में श्रमिकों ने उत्साह और गंभीरता के साथ भाग लिया। प्रशिक्षण ने न केवल उनकी डिजिटल जागरूकता बढ़ाई, बल्कि उन्हें अपने दैनिक जीवन में अधिक सतर्क और सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित किया।

यूनियन द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण श्रृंखला श्रमिकों को जागरूक, आत्मनिर्भर और संगठित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। यह प्रयास भविष्य में एक सशक्त, शिक्षित और जागरूक श्रमिक समाज के निर्माण की मजबूत नींव रख रहा है।

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