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कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग (EC) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले की 144-फलता विधानसभा सीट पर सभी 285 मतदान केंद्रों (सहायक बूथों सहित) पर नए सिरे से मतदान कराने का आदेश जारी किया है।
नई मतदान की तारीखें
यह फैसला 29 अप्रैल 2026 को हुए मतदान के दौरान हुई गंभीर घटनाओं के बाद लिया गया है। आयोग ने इन घटनाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन माना है।
राजनीतिक हलचल तेज
चुनाव आयोग के इस फैसले से बंगाल की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इसे चुनावी प्रक्रिया पर सवालिया निशान बताया है, जबकि सत्तारूढ़ दल इस पर चुप्पी साधे हुए है। खास बात यह है कि 4 मई को राज्य की 294 में से सिर्फ 293 सीटों पर मतगणना होगी। फलता सीट को अलग रखा गया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम बेहद असाधारण और नजीरविहीन है।
29 अप्रैल को फलता सीट पर बड़े पैमाने पर चुनावी अपराध और गड़बड़ियों की शिकायतें मिली थीं। निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने यह कड़ा फैसला लिया है। इससे मतदाताओं का विश्वास बहाल करने की उम्मीद है।नोट: इससे पहले 2 मई को डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा की 15 बूथों पर पुनर्मतदान हो चुका है, जहां औसतन 87% मतदान दर्ज किया गया।पश्चिम बंगाल में इस बार रिकॉर्ड 92.93% मतदान हुआ है। राज्य की मुख्य चुनावी प्रक्रिया 4 मई को जारी रहेगी, जबकि फलता सीट का परिणाम 24 मई को घोषित होगा।