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दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल नगर में लंबे समय से उठ रही पेयजल संबंधी शिकायतों के बाद नगर पालिका और संबंधित विभागों ने मुख्य जल टंकी तथा फिल्टर हाउस की स्थिति पर विस्तृत निरीक्षण और सुधार कार्य शुरू कर दिया है। यह कार्रवाई पीएमओ पोर्टल पर दर्ज शिकायत के आधार पर की गई।
यह शिकायत प्रवेश कुमार जोशी द्वारा पीएमओ पोर्टल पर दर्ज कराई गई थी। शिकायत में रामाबुटी क्षेत्र के पास स्थित मुख्य पानी टंकी की खराब स्थिति, गंदगी, काई जमने, जंग लगी पाइपलाइन और बंद पड़े फिल्टर प्लांट को लेकर चिंता जताई गई थी। शिकायतकर्ता ने दूषित पानी की घटनाओं का भी उल्लेख करते हुए तत्काल निरीक्षण और सुधार कार्य की मांग की थी।
नगर पालिका परिषद ने बताया कि मुख्य जल टंकी की हर छह महीने में सफाई कराई जाती है और उसकी जियोटैग फोटो रिपोर्ट भी तैयार की जाती है। इसके अलावा शासन के निर्देशानुसार हर 15 दिन में अलग-अलग स्थानों से पानी के नमूने लेकर परीक्षण कराया जा रहा है।
निकाय के अनुसार पुराने और जंग लगे पाइपलाइन की मरम्मत का काम भी विभिन्न मदों से लगातार किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट और जियोटैग फोटो भी संबंधित अधिकारियों को भेजे गए हैं।
वार्ड क्रमांक 2 में स्थित फिल्टर प्लांट लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा निर्मित किया गया है। नगर पालिका का कहना है कि जैसे ही प्लांट का आधिकारिक हस्तांतरण होगा, उसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
इस संबंध में पूरी जानकारी अपर कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी भेजी गई है।
जनवरी 2026 में जिला पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग लैब द्वारा पानी के नमूनों की जांच की गई। रिपोर्ट में पानी के अधिकांश मानक सुरक्षित सीमा के भीतर पाए गए।
रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में सप्लाई हो रहे पानी में तत्काल स्वास्थ्य खतरे जैसे संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि विशेषज्ञों ने बेहतर गुणवत्ता और दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए टंकी और पाइपलाइन मरम्मत को जरूरी बताया है।
प्रवेश कुमार जोशी ने पीएमओ, नगर पालिका परिषद किरंदुल और संबंधित अधिकारियों का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि नगरवासियों को उम्मीद है कि भविष्य में भी स्वच्छ पेयजल और जल टंकियों की सफाई को प्राथमिकता दी जाएगी।