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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक चुनावी सफलता के बाद अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े छात्र संगठनों की सक्रियता भी तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। खासतौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने राज्य के कॉलेज और यूनिवर्सिटी कैंपसों में अपना विस्तार तेज कर दिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा की हालिया चुनावी सफलता के बाद ABVP ने बंगाल के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में सदस्यता अभियान, छात्र संपर्क कार्यक्रम और वैचारिक गतिविधियों को और तेज कर दिया है। संगठन का दावा है कि राज्य में बड़ी संख्या में छात्र अब उससे जुड़ रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक छात्र राजनीति पर वामपंथी और तृणमूल कांग्रेस समर्थित छात्र संगठनों का प्रभाव माना जाता रहा है। लेकिन अब ABVP की बढ़ती मौजूदगी को राज्य की छात्र राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ABVP ने नए यूनिट गठित किए हैं और छात्र चुनावों में भी सक्रिय भागीदारी बढ़ाई है। संगठन राष्ट्रीय मुद्दों, शिक्षा सुधार और राष्ट्रवादी विचारधारा को लेकर लगातार कैंपसों में कार्यक्रम कर रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में भाजपा की बढ़ती राजनीतिक ताकत ने RSS और उससे जुड़े संगठनों को भी नया आत्मविश्वास दिया है। इसका असर अब छात्र संगठनों की गतिविधियों में भी साफ दिखाई दे रहा है।
ABVP नेताओं का कहना है कि वे बंगाल में “राष्ट्रवादी छात्र आंदोलन” को मजबूत करने के उद्देश्य से काम कर रहे हैं और आने वाले समय में संगठन को और विस्तार दिया जाएगा।
ABVP की बढ़ती सक्रियता को लेकर राज्य की राजनीति में भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल इसे भाजपा और RSS की “राजनीतिक रणनीति” बता रहे हैं, जबकि ABVP इसे छात्रों के बीच बढ़ते समर्थन का परिणाम बता रही है।