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जनगणना 2027 के कार्य में असहयोग करने वाले 29 प्रागणकों (Enumerators) के खिलाफ जल्द एफआईआर दर्ज हो सकती है। ग्रेटर नोएडा के चार्ज अधिकारी ने इस संबंध में डीसीपी नोएडा को पत्र लिखकर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन के अनुसार जनगणना 2027 के लिए करीब 3000 कर्मचारियों को प्रागणक के रूप में नियुक्त किया गया है। इनमें से 29 कर्मचारियों ने निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद अपनी ड्यूटी ग्रहण नहीं की है।
चार्ज अधिकारी ने बताया कि संबंधित कर्मचारियों से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क किया गया और उन्हें व्हाट्सएप पर भी ड्यूटी संबंधी सूचना भेजी गई, लेकिन उन्होंने ड्यूटी से जुड़े दस्तावेज लेने से इनकार कर दिया।
जनगणना को राष्ट्रीय महत्व का कार्य बताते हुए प्रशासन ने इसे गंभीर मामला माना है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्य में सहयोग न करना और आदेशों की अवहेलना करना सेवा नियमों का उल्लंघन है। इसी कारण संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
प्रशासन द्वारा जिन 29 प्रागणकों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है, उनमें सीमा देवी, प्रदीप कुमार, प्रीति शर्मा, आर्य, वंदना सिंह, जीके बाबू, शशि, अमिता सिंह, प्रीति सिंह, मनीषा मथुरिया, प्रमोद सिंह, किशोरी सिंह, तोमर, वंदना, ममता, दुरदाना, नीतू, प्रदीप शर्मा, गुलाब सिंह, ललिता, दुर्गा शुक्ला, धन देवी, कमल सिंह चौधरी, राजेश कुमार समेत अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
चार्ज अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिन प्रागणकों ने अभी तक जनगणना का कार्य शुरू नहीं किया है, वे तत्काल ड्यूटी रिसीव कर कार्यभार संभालें। यदि इसके बाद भी लापरवाही बरती गई तो उनके खिलाफ भी कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
देशभर में जनगणना 2027 की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इसके लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को प्रागणक और पर्यवेक्षक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन का कहना है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान को समय पर पूरा करना सभी नियुक्त कर्मचारियों की जिम्मेदारी है।