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INSAT-3DS satellite image showing western disturbance over North India

इन राज्यों में बारिश के आसार | IMD Alert सैटेलाइट, तस्वीरों में दिखा पश्चिमी विक्षोभ

नई दिल्ली: पिछले कई दिनों से भीषण लू और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से झुलस रहे उत्तर और मध्य भारत के लिए आखिरकार एक राहत भरी खबर आई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD की ताजा सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि एक बहुत ही शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है. 

INSAT-3DS सैटेलाइट में दिखा बादलों का बड़ा हुजूम
IMD द्वारा जारी की गई INSAT-3DS मौसम सैटेलाइट की थर्मल इन्फ्रारेड तस्वीरों ने इस बड़े मौसमी बदलाव की पुष्टि की है. तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उससे सटे उत्तर-पश्चिम भारत के आसमान पर बादलों का एक विशाल समूह बना हुआ है. यह सिस्टम घने सफेद बादलों की लंबी पट्टियों के रूप में दिखाई दे रहा है, जो धीरे-धीरे हिमालयी क्षेत्रों और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों की तरफ बढ़ रहा है. 

‘हीट ट्रैप’ में फंसे थे दिल्ली-UP समेत कई राज्य
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई शहर ‘हीट ट्रैप’ में फंसे हुए हैं. इन राज्यों में दिन का तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा था. सबसे चिंताजनक बात यह रही कि न केवल दिन बल्कि रातें भी बेहद गर्म हो गई थीं. मौसम विज्ञानियों के अनुसार, लगातार उच्च तापमान के कारण मानव शरीर को रिकवर होने का समय नहीं मिल पाता, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. 

किन राज्यों में होगी बारिश?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह नया पश्चिमी विक्षोभ अरब सागर से आ रही नमी के साथ टकराएगा. इस टकराव के कारण धूल भरी आंधी, गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है. 

इन इलाकों में ज्यादा असर:

राज्य/क्षेत्रसंभावना
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंडछिटपुट से मध्यम बारिश
पंजाब, हरियाणा, दिल्लीआंधी-तूफान के साथ बारिश
पश्चिमी उत्तर प्रदेशतेज धूल भरी आंधी, ओले गिरने की आशंका

तापमान में आएगी गिरावट, मानसून के भी संकेत
IMD का कहना है कि यह बारिश उत्तर भारत से गर्मी को पूरी तरह खत्म नहीं करेगी, लेकिन तापमान में महत्वपूर्ण गिरावट जरूर लाएगी. खासकर रात के तापमान में कमी आने से लोगों को उमस और बेचैनी से बड़ी राहत मिलेगी. 

इसके अलावा अच्छी खबर यह है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्से में भी बादलों के झुंड जमा होने लगे हैं. यह इस बात का संकेत है कि देश में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां धीरे-धीरे अनुकूल हो रही हैं. 

हालांकि वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में हीटवेव की अवधि लंबी और अप्रत्याशित होती जा रही है.

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