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दंतेवाड़ा (बचेली) | 24 अप्रैल 2026
देश की प्रमुख खनन कंपनी NMDC ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 53 मिलियन टन उत्पादन और प्रेषण का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर नया रिकॉर्ड बनाया है। इस उपलब्धि के बीच अब उन श्रमिकों की आवाज़ तेज हो गई है, जिन्होंने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है।
संयुक्त खदान मज़दूर संघ (SKMS – एटक) ने प्रबंधन का ध्यान कर्मचारियों और विशेष रूप से ठेका श्रमिकों की लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया है। यूनियन की ओर से बचेली शाखा के अध्यक्ष कॉ. रवि मिश्रा और सचिव कॉ. जागेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में CMD के नाम एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें 10 प्रमुख मुद्दों पर जल्द कार्रवाई की मांग की गई।
यूनियन ने साफ कहा कि नियमित और ठेका श्रमिकों के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।
SKMS ने ठेका श्रमिकों के लिए अलग से वेतन समझौते की मांग रखते हुए कहा कि यह प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर पूरी की जा सकती है, जिससे करीब 3000 परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

🔹 प्रोत्साहन: 53 मिलियन टन उपलब्धि पर हर कर्मचारी को 50 ग्राम सोने का सिक्का और स्मृति चिन्ह
🔹 वेतन समझौता: 01.01.2022 से लंबित वेतन संशोधन लागू किया जाए
🔹 पदोन्नति: Line of Promotion (LOP) पर जल्द बैठक
🔹 महारत्न लाभ: कंपनी के महारत्न बनने पर 3 इंक्रीमेंट दिए जाएं
🔹 स्वास्थ्य सुविधा: ठेका श्रमिकों के लिए ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस
🔹 भर्ती: खाली पदों को जल्द भरा जाए (L-1, L-2)
🔹 सुविधाएं: रायपुर के लिए बस सेवा और संविदा कर्मियों का स्थायीकरण
यूनियन ने यह भी कहा कि आज NMDC में ठेका श्रमिकों को जो सुविधाएं मिल रही हैं, उसमें SKMS का बड़ा योगदान है। संगठन ने हमेशा मजदूरों के हितों के लिए जमीनी स्तर पर संघर्ष किया है और प्रबंधन के साथ तालमेल बनाकर बेहतर परिणाम हासिल किए हैं।
सचिव कॉ. जागेश्वर प्रसाद ने कहा कि ठेका श्रमिक कंपनी की “रीढ़ की हड्डी” हैं और हर विभाग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रबंधन इन मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और जल्द सकारात्मक निर्णय लेगा।
यूनियन ने साफ संकेत दिया है कि अगर कंपनी को भविष्य में 100 मिलियन टन उत्पादन लक्ष्य हासिल करना है, तो कर्मचारियों का मनोबल ऊंचा रखना जरूरी होगा।