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नोएडा में अवैध बैंक्वेट हॉल पर रोक की मांग, SIT रिपोर्ट पर भी उठे सवाल

नोएडा में जनहित के कई मुद्दों को लेकर Noida Citizen Forum ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। फोरम की कार्यकारी अध्यक्ष Shalini Singh ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए शहर से जुड़े गंभीर मामलों पर त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आम नागरिकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे पहले सेक्टर-150 में जनवरी माह में हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत का मुद्दा उठाया गया। शालिनी सिंह ने इस मामले में बनी SIT रिपोर्ट पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि रिपोर्ट तैयार करने में करीब 100 दिन का समय लिया गया, जबकि मुख्यमंत्री द्वारा पांच दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच में केवल निचले स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया, जबकि उच्च अधिकारियों की भूमिका को नजरअंदाज कर दिया गया। फोरम ने इस मामले में न्यायिक जांच की मांग करते हुए रिपोर्ट को सार्वजनिक करने और जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की बात कही है।

इसके अलावा नोएडा में संचालित अवैध बैंक्वेट हॉल और बारात घरों का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। फोरम का कहना है कि जिन बैंक्वेट हॉलों को प्राधिकरण पहले ही अवैध घोषित कर चुका है, उनमें सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन जारी है, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। शालिनी सिंह ने मांग की कि ऐसे सभी स्थानों पर तत्काल रोक लगाई जाए और उन्हें सील किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी जमीन पर बने इन ढांचों से निजी लाभ कमाना गलत है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

शहर में अवैध और अस्थायी डंपिंग ग्राउंड में लगने वाली आग का मुद्दा भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुखता से उठाया गया। सेक्टर-145 में पिछले कई दिनों से लगी आग का जिक्र करते हुए फोरम ने कहा कि इस तरह की घटनाएं पहले भी सेक्टर-32 और 123 में सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं से पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। फोरम ने मांग की कि सभी अवैध डंपिंग ग्राउंड को तुरंत बंद किया जाए और कचरा निस्तारण के लिए स्थायी और वैज्ञानिक व्यवस्था लागू की जाए।

पेयजल की खराब आपूर्ति को लेकर भी फोरम ने प्रशासन पर नाराजगी जताई। शालिनी सिंह ने कहा कि नोएडा के कई सेक्टर, गांव और सोसाइटी लंबे समय से साफ पानी की समस्या से जूझ रहे हैं, जो एक बुनियादी अधिकार है। उन्होंने मांग की कि सभी क्षेत्रों में नियमित और स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और जल गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

सीवर व्यवस्था को लेकर भी फोरम ने चिंता जताई और कहा कि शहर की पुरानी सीवर लाइनें अब जर्जर हो चुकी हैं, जिसके कारण जगह-जगह सीवर जाम की समस्या सामने आ रही है और गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। उन्होंने नई सीवर लाइनें बिछाने और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की।

अंत में शालिनी सिंह ने कहा कि प्रशासन को नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए और समयबद्ध तरीके से उनका समाधान करना चाहिए, क्योंकि “न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के समान है।” उन्होंने चेतावनी दी कि फोरम लापरवाह अधिकारियों को चिन्हित कर उनकी शिकायत उच्च स्तर तक पहुंचाएगा, ताकि नोएडा के लोगों का प्रशासन पर भरोसा बना रहे।

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