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भुवनेश्वर। ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत विजिलेंस विभाग ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। विभाग ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक सहायक कार्यकारी अभियंता (Assistant Executive Engineer – AEE) को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान उसके विभिन्न ठिकानों से करीब 2 करोड़ रुपये नकद, 6 इमारतें और 14 प्लॉट समेत भारी संपत्ति का खुलासा हुआ है।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार आरोपी अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिलने के बाद कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी और अचल संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए गए।
जांच एजेंसियों के मुताबिक छापेमारी के दौरान लगभग ₹2 करोड़ नकद बरामद किए गए। इसके अलावा अधिकारी और उसके परिवार के नाम पर 6 बहुमंजिला इमारतें तथा 14 प्लॉट होने की जानकारी सामने आई है।
प्राथमिक जांच में यह भी पता चला है कि कई संपत्तियां अलग-अलग स्थानों पर खरीदी गई थीं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
विजिलेंस विभाग का कहना है कि अधिकारी की घोषित आय और उसके पास मौजूद संपत्तियों के बीच बड़ा अंतर पाया गया है। इसी आधार पर आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) का मामला दर्ज किया गया और आगे की जांच शुरू की गई।
अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी संपत्तियों तथा निवेश से जुड़े तथ्य सामने आ सकते हैं।
विजिलेंस टीम ने आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां अब बैंक खातों, निवेश, जमीन खरीद और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार बरामद दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर संपत्ति के वास्तविक मूल्य का आकलन किया जा रहा है।
ओडिशा में हाल के वर्षों में विजिलेंस विभाग ने कई सरकारी अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामलों में कार्रवाई की है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और अवैध संपत्ति अर्जित करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।