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वडोदरा, 11 मई 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे में लगातार दूसरी बार देशवासियों से तेल की बचत करने की अपील की है। वडोदरा में ‘सरदार धाम-3’ शैक्षणिक संकुल के उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट पिछले कई वर्षों के सबसे गंभीर संकटों में से एक है।
‘कोविड की तरह इस संकट से भी निकलेंगे‘
PM मोदी ने विश्वास जताया कि जैसे भारत ने कोविड-19 महामारी से सफलतापूर्वक उबरकर आगे बढ़ा, वैसे ही इस संकट से भी देश बाहर निकलेगा। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का एक बड़ा हिस्सा बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है, ताकि देश की आर्थिक स्थिति और मजबूत हो सके।
ईंधन बचत और विदेशी मुद्रा पर जोर
प्रधानमंत्री ने लोगों से 5 बड़ी अपील कीं:
‘एक-एक बूंद से घड़ा भरता है’
PM मोदी ने कहा कि पहले भी जब देश युद्ध या किसी बड़े संकट से गुजरा है, तब हर नागरिक ने सरकार के आह्वान पर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। आज भी सभी को मिलकर देश के संसाधनों पर बोझ कम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “जैसे एक-एक बूंद मिलकर घड़ा भरता है, वैसे ही छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।”
सोमनाथ मंदिर और सरदार पटेल का जिक्र
कार्यक्रम से पहले PM मोदी सोमनाथ मंदिर भी गए थे, जहां उन्हें मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित ‘अमृत महोत्सव’ में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का सपना सरदार पटेल के संकल्प से ही पूरा हुआ था। उद्घाटन से पहले उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी।
युवाओं, स्टार्टअप और कौशल पर फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं को डिग्री के बाद अनुभव की कमी के कारण भटकने नहीं देना चाहिए। इसके लिए अप्रेंटिसशिप के अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने गुजरात के युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि ‘स्टार्टअप इंडिया’ मिशन उनके सपनों को हकीकत में बदल रहा है। छोटे शहरों से भी बड़े स्टार्टअप सामने आ रहे हैं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है।
क्यों जरूरी है तेल बचत?
PM मोदी ने बताया कि भारत कई वस्तुओं के आयात पर लाखों करोड़ रुपये विदेशी मुद्रा खर्च करता है, जबकि आयातित वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और वैश्विक सप्लाई चेन भी प्रभावित है। पश्चिम एशिया संकट के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों पर दबाव बढ़ा है।