1
1
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच पार्टी सांसद और अभिनेत्री सायनी घोष को लेकर नई अटकलें तेज हो गई हैं। खबरें हैं कि सायनी घोष ने पार्टी के बागी गुट को समर्थन दिया है, जिससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और TMC नेतृत्व की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
राज्य विधानसभा चुनाव में हार के बाद TMC लगातार आंतरिक संकट से जूझ रही है। पार्टी के कई सांसद और विधायक नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे हैं। हाल के दिनों में वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में बागी गुट ने दावा किया था कि लोकसभा में TMC के करीब 20 सांसद NDA को समर्थन देने के पक्ष में हैं।
सायनी घोष के बागी खेमे के साथ खड़े होने की चर्चाओं ने इस राजनीतिक संकट को और गहरा कर दिया है। हालांकि इस संबंध में उनकी ओर से कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे TMC के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी के कारण TMC नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं। कई नेता खुलकर पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक ढांचे पर असंतोष जता चुके हैं। बागी सांसद अलग पहचान की मांग कर रहे हैं, जबकि पार्टी नेतृत्व उन्हें मनाने की कोशिश में जुटा है।
यदि बागी गुट अपने दावों के मुताबिक बड़ी संख्या में सांसदों का समर्थन जुटाने में सफल रहता है तो इसका सीधा फायदा NDA को मिल सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे संसद में TMC की ताकत कमजोर होगी और विपक्षी गठबंधन INDIA Bloc पर भी असर पड़ सकता है।
सायनी घोष को लेकर चल रही अटकलों पर TMC नेतृत्व की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि पार्टी के कई वरिष्ठ नेता बागी सांसदों के दावों को खारिज कर चुके हैं और उन्हें पार्टी छोड़कर खुलकर सामने आने की चुनौती दे चुके हैं।