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यूपी में 2 दिन Work From Home की तैयारी! योगी सरकार के बड़े निर्देश, मंत्रियों के काफिले भी होंगे छोटे

उत्तर प्रदेश में जल्द ही सप्ताह में दो दिन Work From Home (WFH) व्यवस्था लागू हो सकती है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील का समर्थन करते हुए प्रदेश में ईंधन बचत, वर्चुअल मीटिंग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े निर्देश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, डीजीपी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सरकारी व्यवस्थाओं में बदलाव पर जोर दिया। निर्देशों के अनुसार मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में 50 प्रतिशत तक वाहनों की कटौती की जाएगी। इसके साथ ही सरकारी बैठकों, सेमिनार और कॉन्फ्रेंस को अधिकतम वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने को कहा गया है।

सप्ताह में 2 दिन Work From Home की सलाह

योगी सरकार बड़े संस्थानों और कार्यालयों में सप्ताह में दो दिन Work From Home लागू करने की एडवाइजरी जारी करने पर विचार कर रही है। इसका उद्देश्य ईंधन की बचत, ट्रैफिक कम करना और डिजिटल कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना बताया जा रहा है।

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी हाल ही में कहा था कि कोरोना काल में अपनाई गई ऑनलाइन मीटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और Work From Home जैसी व्यवस्थाओं को जरूरत पड़ने पर फिर से लागू किया जा सकता है।

सार्वजनिक परिवहन और EV पर जोर

सरकार ने मेट्रो, रोडवेज बस, कार पूलिंग, साइक्लिंग और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। जनप्रतिनिधियों से सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” मनाने की अपील भी की गई है।

इसके अलावा स्कूल-कॉलेजों में स्कूल बसों के उपयोग को बढ़ाने और कार्यालयों के समय को अलग-अलग बैचों में बांटने का सुझाव भी दिया गया है ताकि पीक ऑवर ट्रैफिक कम हो सके।

बिजली बचत और विदेशी यात्राओं पर भी फोकस

योगी सरकार ने सरकारी और निजी संस्थानों में बिजली की बचत पर विशेष जोर दिया है। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को रात 10 बजे के बाद सजावटी लाइटों का कम उपयोग करने की सलाह दी गई है।

अगले छह महीने तक गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं से बचने और देश के भीतर पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील भी की गई है। सरकार डेस्टिनेशन वेडिंग, हेरिटेज टूरिज्म और ईको टूरिज्म को प्रमोट करने पर जोर दे रही है।

क्या पड़ सकता है असर?

अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो लाखों कर्मचारियों को राहत मिल सकती है। ट्रैफिक, प्रदूषण और ईंधन खर्च में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही डिजिटल कार्य संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि हाइब्रिड वर्क मॉडल आने वाले समय में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में तेजी से बढ़ सकता है।

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