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‘सीजफायर नहीं बढ़ेगा और डील भी होगी’ – ईरान के साथ युद्धविराम पर ट्रंप का सख्त ऐलान, बुधवार को खत्म हो रहा है

ट्रंप का सख्त रुख: “सीजफायर नहीं बढ़ाऊंगा, समय नहीं है… लेकिन ईरान के साथ बड़ी डील जरूर होगी”

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम (ceasefire) को लेकर साफ संदेश दिया है कि वे सीजफायर की समयसीमा बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार शाम को यह अस्थायी ceasefire खत्म हो जाएगा और अगर कोई डील नहीं हुई तो अमेरिका अपने हमले फिर से शुरू कर सकता है।ट्रंप ने कहा,
“मैं ऐसा नहीं करना चाहता। हमारे पास इतना समय नहीं है।”उन्होंने आगे जोड़ा कि अमेरिका बातचीत की मजबूत स्थिति में है और अंत में ईरान के साथ “एक बड़ी और अच्छी डील” (big and good deal) जरूर होगी।

ट्रंप के मुख्य बयान

  • अगर तेहरान के साथ जल्द कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान पर अपने हमले फिर शुरू कर देगा।
  • “मुझे उम्मीद है कि बमबारी होगी क्योंकि मुझे लगता है कि यह एक बेहतर एटीट्यूड है। लेकिन हम जाने के लिए तैयार हैं। मिलिट्री जाने के लिए तैयार है।”
  • ईरान के नेतृत्व की आलोचना करते हुए ट्रंप ने कहा कि वे “बहुत अच्छे लोगों का ग्रुप नहीं हैं”। उन्होंने 42,000 निहत्थे प्रदर्शनकारियों का जिक्र किया, जिनमें से कई को फांसी दे दी गई।
  • ट्रंप ने ईरान से अपील की कि आठ महिलाओं को रिहा कर दिया जाए, जिन्हें फांसी की सजा हो सकती है।

वर्तमान स्थिति

  • अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल 2026 को दो सप्ताह का अस्थायी ceasefire हुआ था (कुछ रिपोर्ट्स में 7 अप्रैल)।
  • यह ceasefire बुधवार (22 अप्रैल 2026) शाम को वाशिंगटन समय के अनुसार खत्म होने वाला है।
  • ट्रंप ने साफ कहा कि वे इस ceasefire को आगे बढ़ाने के इच्छुक नहीं हैं, लेकिन बातचीत जारी रहेगी।
  • अगले दौर की बातचीत इस्लामाबाद (पाकिस्तान) में होने की संभावना है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस भी पाकिस्तान जा रहे हैं।
  • एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी का कहना है कि तेहरान बातचीत में शामिल होने पर विचार कर रहा है।

पृष्ठभूमि

यह तनाव हाल के अमेरिका-ईरान संघर्ष (Twelve-Day War) के बाद का है। पहले ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला गया तो भारी हमले होंगे। बाद में ceasefire हुआ, लेकिन अब समयसीमा खत्म होने पर फिर से सख्ती दिखाई जा रही है। ट्रंप का रुख है — “नाइस वे या हार्ड वे, डील होगी”।ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अमेरिका ईरान के साथ सफलतापूर्वक निपट रहा है, भले ही ईरान का नेतृत्व उनके अनुसार अच्छा न हो।समाज और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावमध्य पूर्व में फिर से तनाव बढ़ने की आशंका है। अगर कोई डील नहीं हुई तो क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है, जिसका असर तेल की कीमतों, वैश्विक व्यापार और सुरक्षा पर पड़ सकता है।

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