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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना से पहले सियासी तनाव बढ़ गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव आयोग के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिसमें वोट काउंटिंग के लिए केवल केंद्रीय सरकारी और PSU कर्मचारियों को सुपरवाइजर बनाने का निर्देश दिया गया है। इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने TMC की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि चुनाव आयोग को यह अधिकार है कि वह राज्य या केंद्र—किसी भी स्तर के कर्मचारियों को नियुक्त कर सकता है और इसमें कोई गैरकानूनी बात नहीं है।
हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब TMC ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और मांग की है कि इस आदेश को रद्द किया जाए तथा राज्य के कर्मचारियों को भी काउंटिंग प्रक्रिया में शामिल किया जाए। पार्टी का आरोप है कि केवल केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति से निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं, जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी और कई स्तरों पर निगरानी मौजूद रहती है। 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले यह मामला राजनीतिक और कानूनी रूप से काफी अहम बन गया है।